दिल्ली-एनसीआर में गैस सिलेंडर की धोखाधड़ी से बचें: पुलिस की चेतावनी
साइबर अपराधियों का नया तरीका
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में रसोई गैस (LPG) की कमी के चलते अफरा-तफरी का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। जहां एक ओर लोग गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर ठग फास्ट ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों के बैंक खातों को साफ कर रहे हैं। इस बढ़ते फ्रॉड को देखते हुए, दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-ईस्ट जिले के डीसीपी कार्यालय ने जनता को एक सख्त चेतावनी जारी की है।
जमाखोरी और ठगी का खेल
वास्तव में, देश में रसोई गैस की कमी उतनी नहीं है, जितनी कि बाजार में दिखाई दे रही है। अवैध जमाखोरी ने एक कृत्रिम कमी पैदा कर दी है। इस घबराहट में लोग गैस बुक करने के लिए इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं और गूगल पर गैस एजेंसियों के नंबर खोजते हैं, जिससे वे साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं।
फर्जी लिंक और धोखाधड़ी का तरीका
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के अनुसार, ठग सबसे पहले उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर या व्हाट्सएप पर फर्जी एलपीजी बुकिंग वेबसाइट का लिंक भेजते हैं। जब लोग इस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो एक नकली पोर्टल खुलता है, जो असली गैस एजेंसी जैसा दिखता है। इसके बाद, ठग ग्राहकों को जल्दी डिलीवरी का लालच देकर एडवांस पेमेंट करने के लिए मजबूर करते हैं।
Fake LPG booking website link
• Message asking for advance payment
• Request for OTP / UPI PIN⚠ SAFETY ADVISORY
• Book LPG only from official app or authorized distributor
• Do NOT click unknown links
• Never share OTP / PIN / bank details
• Report fraud immediately
📞… pic.twitter.com/DX42oHnpLC— DCP North East (@DCPNEBCP) March 16, 2026
यह ठगी यहीं खत्म नहीं होती। बुकिंग कन्फर्म करने के बहाने, ये अपराधी ग्राहकों से उनका OTP या UPI पिन मांग लेते हैं। जैसे ही उपभोक्ता यह जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते से पैसे चंद सेकंड में गायब हो जाते हैं।
सुरक्षा सलाह और शिकायत प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग हमेशा अधिकृत मोबाइल ऐप या रजिस्टर्ड गैस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने बैंक डिटेल, UPI पिन या ओटीपी साझा न करें।
यदि आप इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करें। पीड़ित व्यक्ति भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
