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दिल्ली की खराब हवा से बैडमिंटन खिलाड़ियों का टूर्नामेंट से नाम वापस लेना

दिल्ली की वायु गुणवत्ता ने बैडमिंटन खिलाड़ियों को भारत में टूर्नामेंट में भाग लेने से मना करने पर मजबूर कर दिया है। डेनमार्क के खिलाड़ियों एंडर्स एंटनसेन और मिया ब्लिचफेल्ट ने दिल्ली की गंदगी और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का हवाला देते हुए अपने नाम वापस ले लिए। जानें इस मुद्दे पर उनके विचार और दिल्ली की स्थिति का क्या असर है।
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दिल्ली की खराब हवा से बैडमिंटन खिलाड़ियों का टूर्नामेंट से नाम वापस लेना

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर चिंता

दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, यह किसी आंकड़े की आवश्यकता नहीं है। यहां के निवासी इसे प्रतिदिन अनुभव करते हैं, और जो लोग दिल्ली से बाहर रहते हैं, वे जब यहां आते हैं तो इसे और भी अधिक महसूस करते हैं। इस कारण, विश्वभर के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग और ऐसे देश जिनके लिए स्वच्छ हवा और पानी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, भारत आने से हिचकिचा रहे हैं। हाल ही में, दो बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भारत आकर टूर्नामेंट में भाग लेने से मना कर दिया। उनका कहना था कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।


बैडमिंटन खिलाड़ियों का नाम वापस लेना

डेनमार्क के खिलाड़ी एंडर्स एंटनसेन ने लगातार तीसरे वर्ष इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। इस निर्णय के लिए उन पर विश्व बैडमिंटन महासंघ द्वारा जुर्माना भी लगाया गया है, फिर भी उन्होंने दिल्ली में मैच खेलने से मना कर दिया। इसी तरह, उनकी साथी खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने भी भारत में बैडमिंटन टूर्नामेंट में भाग लेने से इंकार किया है। उन्होंने इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम के अंदर की गंदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि चारों ओर गंदगी फैली हुई है और चिड़ियों का मल बिखरा रहता है। उन्होंने इसे खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। ध्यान देने योग्य है कि डेनमार्क एक स्कैंडिनेवियाई देश है, जहां जीवन की स्थितियां अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर हैं।