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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने प्लास्टइंडिया 2026 में साझा किया औद्योगिक विकास का रोडमैप

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने प्लास्टइंडिया 2026 में औद्योगिक विकास का एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने प्लास्टिक उद्योग में नवाचार और स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया। इस सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, और मुख्यमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय सहायता की योजनाओं की जानकारी दी। प्लास्टइंडिया 2026 का उद्देश्य भारत को एक ग्लोबल प्लास्टिक प्रोसेसिंग हब बनाना है।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने प्लास्टइंडिया 2026 में साझा किया औद्योगिक विकास का रोडमैप

प्लास्टइंडिया 2026 का उद्घाटन

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टइंडिया 2026 प्रदर्शनी, सम्मेलन और कन्वेंशन में भाग लिया। इस वैश्विक मंच पर उन्होंने दिल्ली के औद्योगिक विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टालों का दौरा किया और प्लास्टिक के विकास, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकॉनमी से संबंधित नवाचारों का अवलोकन किया।


सम्मेलन में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रविश कामत, प्लास्ट इंडिया 2026 की नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल (एनईसी) के चेयरमैन श्री आलोक तिब्रेवाल, और दिल्ली नगर निगम में नेता सदन श्री प्रवेश वाही सहित 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और उद्यमी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने दिल्ली को एक वैश्विक शहर और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया।


एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाना

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 10 करोड़ रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, विशेष रूप से प्लास्टिक उद्योग में नवाचार और स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए।


प्लास्टिक उद्योग का भविष्य

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में भारत की प्लास्टिक इंडस्ट्री का आकार लगभग 44 अरब डॉलर था, जो 2026 में बढ़कर 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि 2030 तक यह उद्योग करीब 64 अरब डॉलर का हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत आज ग्लोबल प्लास्टिक प्रोसेसिंग हब बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।


स्वच्छता अभियान का महत्व

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान से आए सामाजिक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्लास्टिक निर्माण एक व्यवसाय हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विकास हमारा विजन होना चाहिए। यदि प्लास्टिक को सही तरीके से रीसाइक्ल और डिस्पोज नहीं किया गया, तो इसका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।


प्लास्टइंडिया 2026 का महत्व

प्लास्टइंडिया 2026 का उद्घाटन 5 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में हुआ है और यह प्रदर्शनी 10 फरवरी तक चलेगी। यह आयोजन दुनिया की सबसे बड़ी प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक है, जिसमें 2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल हैं। खास बात यह है कि इसे पहली बार जीरो वेस्ट एग्जिबिशन के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जहां कचरे का रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।