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दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर: राघव चड्ढा ने AAP छोड़ी

दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है जब आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। राघव के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
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दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर: राघव चड्ढा ने AAP छोड़ी

राघव चड्ढा का AAP से अलग होना

नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीतिक हलचल में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) में एक महत्वपूर्ण घटना घटी है। पार्टी के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है, जिसके कारण वे अब जनता के बीच जाने का निर्णय ले रहे हैं। राघव के साथ-साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया है।


भाजपा में विलय की योजना

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारतीय संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में विलय करने का निर्णय ले चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्वाति मालीवाल भी भाजपा में शामिल होंगी।


क्यों बढ़ी दूरियां?

दरअसल, केजरीवाल और राघव चड्ढा के बीच की दूरियां तब से स्पष्ट होने लगी थीं जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिणीति चोपड़ा के साथ लंदन में छुट्टियां मना रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया था, हालांकि वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर औपचारिक रूप से नजर आए थे।


विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के समय में राघव चड्ढा पार्टी के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए थे। विपक्ष इसे आम आदमी पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का संकेत मान रहा है, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बता रहे हैं, जिसका उद्देश्य अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।