दिल्ली के कालकाजी मंदिर में पुजारी की हत्या: क्या भाजपा की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल?

कालकाजी मंदिर में पुजारी की हत्या से हड़कंप
Kalkaji Priest Murder: दिल्ली के कालकाजी मंदिर में एक पुजारी की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। भाजपा की चार इंजन वाली सरकार के बावजूद, यह घटना दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था की गंभीरता को उजागर करती है। आम आदमी पार्टी ने इसे न केवल एक अपराध, बल्कि आस्था पर सीधा हमला बताया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। शनिवार को आप मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अनिल झा ने भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह घटना भाजपा की कानून व्यवस्था को संभालने में पूर्ण विफलता को दर्शाती है। झा ने चेतावनी दी कि दिल्ली में हत्या, लूटपाट, चोरी और बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सरकार की अक्षमता का प्रमाण हैं.
भाजपा की धार्मिक छवि पर उठे सवाल
अनिल झा ने प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा देशभर में धार्मिक उन्माद फैलाने का काम करती है, लेकिन दिल्ली में धर्म की रक्षा कर रहे पुजारी की जान नहीं बचा पाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा खुद को धर्म का सबसे बड़ा नाम बताती है, लेकिन राजधानी में पुजारी की हत्या हो गई। झा ने कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथों में होने के कारण ही हत्या, लूटपाट, चोरी, और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं.
केंद्र और दिल्ली सरकार पर आरोप
झा ने कहा कि केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार है। एमसीडी, कैंटोनमेंट बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए और एलजी सभी भाजपा के अधीन हैं। उन्होंने भाजपा की इंटेलिजेंस फेलियर पर सवाल उठाए। इसके बावजूद, आज दिल्ली में ऐसी स्थिति बन गई है कि भाजपा सरकार की इंटेलिजेंस फेल नजर आ रही है। विधायक ने कालकाजी मंदिर को नई दिल्ली से महज 6-7 किलोमीटर दूर बताते हुए कहा कि दुर्गापूजा के दौरान लाखों श्रद्धालु वहां आते हैं, फिर भी सुरक्षा में ढील बरती गई.
दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल
अनिल झा ने पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धारिया के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपए की फिरौती को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करते समय अभिषेक धारिया ने कहा कि लॉरेंस विश्नोई साहब का इसमें नाम आया है। यह दिल्ली पुलिस का मानसिक दिवालियापन है। झा ने आगे कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथ में है। एक तरफ भाजपा कहती है कि वह धार्मिक आस्था पर पीछे नहीं हट सकती और दूसरी तरफ भाजपा के राज में मंदिर का पुजारी, गुरुद्वारे का ग्रंथी और मस्जिद का मौलाना सुरक्षित नहीं है। तो क्या भाजपा उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक मजबूत कानून व्यवस्था का सिर्फ झूठा ढिंढोरा पीट रही है?
अपराधियों के हौसले और महिलाओं की सुरक्षा
झा ने कालकाजी घटना को आस्था पर हमला बताते हुए कहा कि यह घटना बताती है कि दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून का अपराधियों में कोई डर नहीं है और दिल्ली पुलिस अपराधियों में कानून का डर पैदा नहीं कर पा रही है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताई। आज दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति यह है कि रात 12-1 बजे कोई महिला कार से भी जा रही हो, तो वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती है। झा ने एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि एक वीडियो में दो महिलाएं बात करते हुए सुनी जा रही हैं कि दिल्ली में रात के 12 से 2 बजे के बीच अगर कोई दो बहनें भी बाहर निकलती हैं तो इस कानून व्यवस्था के साथ वह सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं में बैठा ऐसा डर भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
आप की अपील और भाजपा पर तंज
अनिल झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के साथ खड़ी है और सभी से अपील करती है कि बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर सरकार से लड़ने हमें एकजुट होकर खड़ा रहना है। भाजपा और उसकी सरकार को धिक्कार है। उन्होंने भाजपा पर व्यंग्य किया। पहले भाजपा वाले एक अन्य पार्टी पर आरोप लगाते थे कि वह पार्टी ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी बोलते थे। अब तो भाजपा भी गैंगस्टर को साहब बुला रही है। दोनों में फर्क क्या रह गया है? झा ने चेतावनी दी कि दिल्ली पुलिस को राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। क्योंकि भाजपा के लोग इस केस को घुमाने की कोशिश करेंगे। घटना को व्यक्तिगत रंजिश बताने की कोशिश करेंगे। दिल्ली में भाजपा के पास चार इंजन हैं, कानून व्यवस्था उसके हाथ में है, फिर भी मंदिर के पुजारी की हत्या कैसे हो गई? इसके बाद भी भाजपा से सवाल कैसे नहीं किया जाएगा। पूरी दिल्ली के लोगों को मंदिर के पुजारी को न्याय दिलाने की लड़ाई में खड़ा होना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। दिल्ली पुलिस की विफलता के चलते यह घटना हुई है। केंद्र सरकार दिल्लीवालों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। आज हमारे नागरिक न तो बॉर्डर पर सुरक्षित हैं और ना ही देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षित हैं.