दिल्ली के न्यू अशोक नगर में दुकानदारों का संकट: बंद हो गईं दुकानें
न्यू अशोक नगर का सुनसान बाजार
दिल्ली के न्यू अशोक नगर में पहले की चहल-पहल अब गायब हो चुकी है। बाजार, जो कभी ग्राहकों से भरा रहता था, अब सुनसान है। सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सीलिंग के डर से, मेट्रो स्टेशन से रेड टेप चौराहे तक, मकान मालिकों ने अपनी दुकानों को ईंट और गारे से बंद कर दिया है। कुछ ने तो शटर भी हटा दिए हैं। एक बैंक और कुछ अन्य दुकानों को छोड़कर, मेट्रो स्टेशन तक सभी दुकानें बंद हो चुकी हैं.
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और दुकानदारों की चिंता
हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में संपत्तियों के दुरुपयोग के मामले में सर्वे करने का निर्देश दिया था। खबर थी कि 12 मई को अधिकारियों की टीम अशोक नगर का निरीक्षण कर सकती है। लेकिन इससे पहले ही दुकानदारों ने अपनी दुकानों को ईंट और गारे से बंद कर दिया। उन्होंने शटर हटा दिए और बाहर से रंगाई-पोताई करवाई, ताकि यह न पता चले कि यहां पहले कोई दुकान थी.
दुकानों का स्थानांतरण
अशोक नगर मेट्रो स्टेशन रोड पर कई ढाबे और बिरयानी की दुकानें थीं। किराना और मांस की दुकानें भी थीं। लेकिन अब इनका कारोबार अचानक बंद हो गया है। बड़ी संख्या में दुकानदारों और काम करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. वर्तमान में सभी दुकानें बंद हैं। कुछ ने अपनी दुकानें अंदर गालियों में शिफ्ट कर ली हैं और पुरानी जगह पर पोस्टर चिपका दिए हैं.
दुकानदारों का डर और चुनौती
दुकानदारों का कहना है कि वे अपनी दुकानों को क्यों बंद कर रहे हैं। दरअसल, ये सभी आवासीय भवन हैं, लेकिन लोगों ने इन्हें कमर्शियल रूप से उपयोग करना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि नगर निगम के सर्वे के बाद उन पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है। इसी डर से दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया है.
रोजगार का संकट
न्यू अशोक नगर में कई दुकानदार यूपी, बिहार और अन्य पड़ोसी राज्यों से हैं। वे किराए पर दुकान लेकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। नाम न छापने की शर्त पर, दुकानदारों ने बताया कि उनके सामने न केवल रोजगार का संकट है, बल्कि दुकान पर पड़ा माल भी बेचना चुनौती बन गया है. मिठाई और खाने-पीने की दुकानों के लिए यह और भी मुश्किल है, क्योंकि कच्चा माल जल्दी खराब हो जाता है.
दहशत का माहौल
न्यू अशोक नगर की गलियों में दुकानदारों के बीच खौफ का माहौल है। एक होटल संचालक ने बताया कि उन्हें नहीं पता कब कार्रवाई शुरू हो जाएगी। कई दुकानदारों ने अपने साइन बोर्ड भी हटा दिए हैं.
महंगाई और बंद ढाबे
न्यू अशोक नगर में अधिकांश लोग नौकरीपेशा या छात्र हैं। ईरान युद्ध के कारण कई गैस भरने वाली दुकानें बंद हो चुकी हैं। सीलिंग के डर से कई ढाबों पर ताले लग चुके हैं। कुछ ढाबे गैस की कमी से बंद हो गए हैं, जिससे नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है.
