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दिल्ली दंगों के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अन्य को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जबकि अन्य पांच आरोपियों को शर्तों के साथ जमानत दी गई है। अदालत ने कहा कि सभी व्यक्तियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा सकता। इस मामले में दंगों के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई है, जिसमें आरोपियों की स्थिति और दंगों की पृष्ठभूमि शामिल है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के निर्णय के पीछे के तर्क।
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दिल्ली दंगों के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अन्य को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली दंगों के संदर्भ में शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया। हालांकि, इस मामले में अन्य पांच आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दी गई है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सभी व्यक्तियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा सकता है।


अन्य आरोपियों को मिली जमानत

अदालत ने इस मामले में नामित पांच अन्य आरोपियों, जिनमें गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, शिफ़ा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद शामिल हैं, को शर्तों के साथ जमानत दी। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि सभी अपीलकर्ता समान स्थिति में नहीं हैं।


दिल्ली कोर्ट के आदेश पर चुनौती

दिल्ली दंगों के मामले में निर्णय देते हुए न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक आवेदन का अलग-अलग मूल्यांकन करना आवश्यक है। अनुच्छेद 21 के तहत राज्य को लंबे समय तक प्री-ट्रायल हिरासत को सही ठहराना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि इन दोनों को ट्रायल में देरी का लाभ नहीं दिया जा सकता। शरजील और उमर ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इन दोनों पर साजिश से जुड़े सख्त गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, या (UAPA) के तहत मामले दर्ज हैं, जिसमें जमानत देने से इनकार किया गया था।


दंगों का संदर्भ

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ दिल्ली में 24 फरवरी, 2020 को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जो कई दिनों तक चलीं। इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की जान गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। इस मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित बीस लोगों पर दंगों को भड़काने की साजिश में कथित संलिप्तता के आरोप लगाए गए। दिल्ली पुलिस ने शरजील और उमर की जमानत का विरोध किया, उनका कहना है कि दोनों ने राष्ट्रीय राजधानी को अस्थिर करने का प्रयास किया। हालांकि, उमर और शरजील का कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है।