दिल्ली दंगों के आरोपी Umar Khalid को मिली अस्थायी जमानत, जानें क्या हैं शर्तें
Umar Khalid को मिली राहत
दिल्ली दंगों से संबंधित यूएपीए मामले में बंदी Umar Khalid को दिल्ली हाई कोर्ट से अस्थायी जमानत मिली है। अदालत ने उन्हें 1 जून से 3 जून तक अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, उमर खालिद ने अपनी मां की सर्जरी और परिवार के चेहलुम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहत की मांग की थी। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद सीमित समय के लिए उन्हें जेल से बाहर रहने की अनुमति दी। यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों और यूएपीए कानून के तहत गंभीर आरोपों से संबंधित है।
अंतरिम जमानत की शर्तें
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम जमानत केवल निर्धारित समय तक ही मान्य रहेगी। अदालत ने कहा कि उमर खालिद को 1 जून की सुबह 7 बजे से लेकर 3 जून की शाम 5 बजे तक राहत दी गई है। इस दौरान उन्हें केवल आवश्यक पारिवारिक कारणों के लिए बाहर रहने की अनुमति होगी। कोर्ट ने यह भी बताया कि समय समाप्त होने के बाद उन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष पेश होना होगा। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत की अवधि को बहुत सीमित रखा है।
दिल्ली-एनसीआर छोड़ने की अनुमति नहीं
अदालत ने अंतरिम जमानत के साथ कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि जमानत अवधि के दौरान उमर खालिद को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ही रहना होगा। उन्हें अपने निर्धारित पते पर ही ठहरना होगा और किसी अन्य स्थान पर जाने की अनुमति नहीं होगी। अदालत ने निर्देश दिया है कि अस्पताल के अलावा वे किसी अन्य सार्वजनिक या निजी स्थान पर नहीं जा सकेंगे। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
2020 दंगा मामले में शामिल
उमर खालिद का नाम 2020 के दिल्ली दंगा मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है। जांच एजेंसियों ने उन पर दंगों की साजिश रचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यूएपीए कानून के तहत कार्रवाई की गई थी। वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस मामले में पहले भी कई बार अदालतों में सुनवाई हो चुकी है। हाई कोर्ट के इस हालिया फैसले के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आया है, क्योंकि अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें सीमित अवधि के लिए राहत दी है।
