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दिल्ली पुलिस का यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सख्त रुख

दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के नेताओं द्वारा एआई समिट में किए गए कपड़े उतारकर प्रदर्शन को गंभीरता से लिया है। इस कार्रवाई में कई नेताओं की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु छिब भी शामिल हैं। भाजपा ने इस प्रदर्शन की साजिश का आरोप राहुल गांधी के निवास पर होने का लगाया है। जानें इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और सरकार की मंशा के बारे में।
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दिल्ली पुलिस का यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सख्त रुख

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने हाल ही में हुए एआई समिट में यूथ कांग्रेस के नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को गंभीरता से लिया है। इस प्रदर्शन में नेताओं ने कपड़े उतारकर अपनी बात रखी थी, जिसे सरकार ने एक बड़े आतंकी हमले के समान माना है। कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि इस मामले में सरकार की तत्परता पुलवामा हमले की जांच से भी अधिक है।


दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के संबंध में पूरे देश में छापेमारी और जांच शुरू कर दी है। यूथ कांग्रेस के कई नेता, जिनमें राजधानी दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक के लोग शामिल हैं, गिरफ्तार किए गए हैं। इस प्रदर्शन की साजिश में शामिल होने के आरोप में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु छिब को भी गिरफ्तार किया गया है।


भाजपा के आरोप और पुलिस की कार्रवाई

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने पहले कहा था कि इस प्रदर्शन की योजना राहुल गांधी के निवास पर बनाई गई थी, जिसमें सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल थीं। इस बयान के बाद ऐसा प्रतीत हुआ कि पुलिस इन तीनों नेताओं को भी गिरफ्तार कर सकती है।


हालांकि, पुलिस ने अब तक लगभग एक दर्जन लोगों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया है। आमतौर पर इस तरह के प्रदर्शनों में लोग थाने से ही रिहा हो जाते हैं, लेकिन इस मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। यह स्पष्ट है कि सरकार एक उदाहरण स्थापित करना चाहती है ताकि लोग प्रदर्शन करने से हिचकें।


यूथ कांग्रेस के नेताओं ने भारत मंडपम में जाकर कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया था। यह कोई ऐसा मामला नहीं है, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो या देश की छवि को नुकसान पहुंचे। यदि इसे बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि विरोध और प्रदर्शन को दबाया जा सके, तो यह उचित नहीं है।