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दिल्ली पुलिस ने आतंकवादी साजिश का किया पर्दाफाश, बांग्लादेश से जुड़े तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकवादी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और बांग्लादेश के आतंकवादी संगठनों के तार जुड़े हैं। जांच के दौरान कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, और उनके मोबाइल फोन से खतरनाक सबूत मिले हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने समय रहते एक बड़े हमले की योजना को विफल कर दिया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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दिल्ली पुलिस ने आतंकवादी साजिश का किया पर्दाफाश, बांग्लादेश से जुड़े तार

दिल्ली पुलिस की सफल कार्रवाई


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक आतंकवादी साजिश को समय पर नाकाम कर दिया है। लगभग दस दिनों तक चली गुप्त कार्रवाई के बाद एक ऐसे मॉड्यूल का खुलासा हुआ है, जो पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है।


जांच का विस्तार

इस नेटवर्क के संबंध बांग्लादेश से भी पाए गए हैं। प्रारंभिक सुराग दिल्ली और कोलकाता के मेट्रो स्टेशनों पर लगे भड़काऊ पोस्टरों से मिले, जिसके बाद जांच का दायरा कई राज्यों में फैल गया।




पोस्टरों से मिली जानकारी

पोस्टर से खुला राज


7 और 8 फरवरी को दिल्ली और कोलकाता के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर भड़काऊ नारे लिखे पोस्टर देखे गए। सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता दिखाई और जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई। पोस्टरों की जांच से एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिले, जिसने पुलिस को पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया।


गिरफ्तारी और सुराग

पहली गिरफ्तारी और सुराग


जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के मालदा से उमर फारूक और रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने पुलिस को तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले तक पहुंचाया। यहीं से इस मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की पहचान संभव हुई।


तमिलनाडु में कार्रवाई

तमिलनाडु में बड़ी कार्रवाई


स्पेशल सेल ने तिरुप्पुर जिले के उथुकुली, पल्लादम और थिरुमुरुगनपुंडी में छापेमारी कर छह और संदिग्धों को पकड़ा। इनमें मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आपस में जुड़े थे और लगातार संपर्क में थे।


बांग्लादेश और पाकिस्तान कनेक्शन

बांग्लादेश और पाकिस्तान कनेक्शन


जांच में यह भी सामने आया कि पूरा मॉड्यूल बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। शब्बीर अहमद लोन नामक हैंडलर निर्देश दे रहा था। सूत्रों के अनुसार, वह 2007 में भारत में आत्मघाती हमले की साजिश में गिरफ्तार हुआ था। जेल से छूटने के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा ज्वाइन कर लिया और बांग्लादेश में ठिकाना बना लिया।


रेकी के सबूत

रेकी के वीडियो बरामद


आरोपियों के मोबाइल फोन से कई स्थानों की रेकी के वीडियो और तस्वीरें मिली हैं। कुछ फुटेज में हथियार खरीदने की कोशिशों के संकेत भी हैं। खुफिया एजेंसियों ने हाल में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा बड़े हमले की योजना की चेतावनी दी थी। पुलिस का मानना है कि यह साजिश समय रहते विफल कर दी गई। फिलहाल पूछताछ जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी हो रही है।