Newzfatafatlogo

दिल्ली में कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का तीखा हमला

दिल्ली में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली स्वर्ग से नरक की ओर बढ़ रही है। हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। कांग्रेस नेताओं ने बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दों पर भी सरकार की नाकामी को उजागर किया। जानें इस पर और क्या कहा गया है।
 | 
दिल्ली में कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का तीखा हमला

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल


नई दिल्ली। दिल्ली की भाजपा सरकार और वहां की कानून व्यवस्था पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि, उन्होंने पिछले तीन दशकों में दिल्ली के उत्थान और पतन को देखा है। उनका कहना है कि दिल्ली स्वर्ग से नरक की ओर बढ़ रही है और हम इसे मूक दर्शक बनकर नहीं देख सकते। महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में, मुख्यमंत्री के आवास पर हुई थप्पड़ कांड जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। यह कोई साधारण घटना नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि, हाल ही में आदर्श नगर में 65 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या की गई। द्वारका में भी एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। यह दुखद है कि अमेरिका ने दिल्ली को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया है।


दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने कहा कि, जब कांग्रेस की सरकार थी, तब लोग बेहतर रोजगार की तलाश में दिल्ली आते थे। हाल ही में यूथ कांग्रेस ने तालकटोरा स्टेडियम में एक कैंप आयोजित किया, जिसमें बेरोजगार युवाओं की अच्छी संख्या आई।


इससे स्पष्ट है कि जिस दिल्ली में रोजगार की संभावनाएं थीं, वहां बेरोजगारी की समस्या कितनी गंभीर हो गई है, यह दिल्ली सरकार की विफलता को दर्शाता है। जब किसी नेता पर जिम्मेदारी आती है, तो वह गंभीरता से काम करता है, लेकिन दिल्ली में इसका उल्टा हो रहा है। जब मुख्यमंत्री से सवाल पूछे जाते हैं, तो वे गैरजिम्मेदाराना तरीके से जवाब देती हैं। पहले अरविंद केजरीवाल ने जनता से अलग राजनीति का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है।


कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि, दिल्ली में कांग्रेस की सरकार ने गरीब बच्चों के लिए 'राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय' स्थापित किए थे, जिससे गरीब बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकें। आप रिकॉर्ड देख सकते हैं, इन स्कूलों से निकले बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और जज बने हैं। वहीं, AAP की सरकार ने इन स्कूलों के नाम बदल दिए हैं।


उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस सरकार ने दलित वर्ग के बच्चों के लिए कई योजनाएं बनाई थीं, जिनके तहत उन्हें पढ़ाई के लिए फंड मिलता था। जबकि, AAP और BJP की सरकारों ने इन छात्रों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप्स को कमजोर करने का काम किया है।