दिल्ली में चलती बस में महिला के साथ गैंगरेप: सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली में गैंगरेप की घटना
नई दिल्ली: दिल्ली में एक बार फिर चलती बस में एक महिला के साथ गैंगरेप की च shocking घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने लोगों को 14 साल पहले हुए निर्भया कांड की याद दिला दी है, जिसके चलते सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, उस स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया गया है, जिसमें यह वारदात हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि यह बस बिहार में रजिस्टर्ड है और दिल्ली-बिहार रूट पर चलती थी।
पुलिस कार्रवाई
VIDEO | Delhi bus gang-rape: Police received information on May 12; we have arrested two accused, says Vikram Singh, DCP, Delhi Police.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 14, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/CaO9BNlwIb
पुलिस ने बताया कि बस का नंबर BR 28P 3941 है और इसे रॉयल ट्रैवल्स एंड कारगो नामक कंपनी द्वारा चलाया जाता है। नारंगी और काले रंग की इस एसी स्लीपर बस में रानी बाग के पास महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय बस में और कौन लोग मौजूद थे। बस के परमिट और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
घटना का विवरण
#WATCH | Delhi: The police have registered a case of the alleged gangrape of a woman on a private bus in Delhi. The police have arrested both accused individuals and also seized the bus used in the incident.
— ANI (@ANI) May 14, 2026
(Visuals of the bus seized by the police) pic.twitter.com/DFT2toJ5mL
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बस के अंदर पर्दे लगे हुए थे और सभी खिड़कियाँ बंद थीं, जिससे बाहर से किसी को भी अंदर की गतिविधियों का पता नहीं चल सका। फोरेंसिक टीम ने बस से सबूत भी इकट्ठा किए हैं।
पीड़िता का बयान
पीड़िता पीतमपुरा की निवासी है और मंगोलपुरी स्थित एक फैक्ट्री में काम करती है। सोमवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद वह घर लौट रही थी। इसी दौरान सरस्वती विहार के पास खड़ी बस के बाहर एक युवक से समय पूछने पर उसे जबरन बस में खींच लिया गया। पीड़िता का आरोप है कि दो लोगों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और लगभग दो घंटे तक बस को विभिन्न इलाकों में घुमाते रहे। अंततः उसे नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया।
घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को सूचित किया। मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी थी, लेकिन परिवार और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी के कारण उसने घर लौटने का निर्णय लिया। अब पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
