दिल्ली में जल वितरण सुधार अभियान: सभी क्षेत्रों को मिलेगा समान जल आपूर्ति
जल वितरण प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम
दिल्ली सरकार ने जल संकट के समाधान के लिए एक व्यापक जल वितरण सुधार अभियान की शुरुआत की है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के नेतृत्व में यह पहल जल के समान वितरण, जल हानि में कमी, पुरानी अवसंरचना के आधुनिकीकरण और शोधित जल के पुन: उपयोग पर केंद्रित है। इसे पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।
जल मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में पानी की मांग हर साल बढ़ रही है, जबकि जल संसाधन सीमित हैं। गर्मियों में दिल्ली को लगभग 1,250 एमजीडी पानी की आवश्यकता होती है। हाल ही में यमुना नदी में सूखे के कारण जल उत्पादन में कमी आई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
सरकार ने कहा है कि वह तत्काल और दीर्घकालिक समाधान लागू कर रही है ताकि हर नागरिक को पानी की समान पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
आबादी बढ़ने के साथ जल संसाधनों की कमी
जल मंत्री ने कहा कि दिल्ली के जल संसाधन सीमित हैं, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। समाधान केवल अधिक पानी लाने में नहीं है, बल्कि हर बूंद का बेहतर प्रबंधन करने में है। उन्होंने बताया कि जल संकट की शिकायतें कुछ विशेष क्षेत्रों में अधिक हैं।
दिल्ली के 12 से 13 विधानसभा क्षेत्रों से हर साल गर्मियों में जल संबंधी शिकायतें आती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में जल आपूर्ति अधिक होती है। अब 'वॉटर रेशनलाइजेशन प्रोजेक्ट' के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी नागरिकों को समान जल उपलब्धता मिले।
पुरानी पाइपलाइनों का मुद्दा
दिल्ली के जल वितरण नेटवर्क में लगभग 5,500 किलोमीटर पाइपलाइनें 30 वर्ष से अधिक पुरानी हैं। इन पाइपलाइनों में रिसाव और प्रदूषण की संभावना अधिक रहती है। जल मंत्री ने कहा कि इन पाइपलाइनों को बदलने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने का अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में जल अवसंरचना में निवेश की कमी के कारण वर्तमान चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। अब प्राथमिकता के आधार पर पुरानी पाइपलाइनों का प्रतिस्थापन किया जाएगा।
डीएसबी नहर प्रणाली में जल हानि
डीएसबी नहर प्रणाली में लगभग 40 से 45 प्रतिशत पानी का नुकसान हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए आईआईटी रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है। नहर को पाइपलाइन प्रणाली में परिवर्तित करने से जल हानि में कमी आएगी।
दिल्ली सरकार जल संरक्षण और पुनर्चक्रण पर आधारित दीर्घकालिक रणनीति भी लागू कर रही है। इसमें ड्यूल पाइपिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे शोधित पुनर्चक्रित जल का उपयोग गैर-पीने योग्य कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
जल सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण
जल मंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण केवल मौसमी जल संकट के समाधान तक सीमित नहीं है। जल सुरक्षा के लिए संरचनात्मक सुधार, अवसंरचना में निवेश और जिम्मेदार जल उपयोग की आवश्यकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचे और पानी की हर बूंद का प्रभावी उपयोग हो। आज किए जा रहे सुधार आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और न्यायसंगत जल व्यवस्था की नींव रखेंगे।
