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दिल्ली में ट्रांसपोर्ट हड़ताल से सब्जियों की कीमतों में उछाल

दिल्ली में ऑटो और टैक्सी सेवाओं की तीन दिवसीय हड़ताल ने सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है। आजादपुर मंडी में धनिया और अदरक की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि ट्रकों की संख्या में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हड़ताल का असर यात्रियों पर भी पड़ा है, जो घंटों तक इंतजार कर रहे हैं। जानें इस हड़ताल के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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दिल्ली में ट्रांसपोर्ट हड़ताल से सब्जियों की कीमतों में उछाल

दिल्ली में तीन दिवसीय ट्रांसपोर्ट हड़ताल


दिल्ली में ऑटो, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं ने तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की है, जिसका प्रभाव आम जनता पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हड़ताल के दूसरे दिन, यानी शुक्रवार को, दिल्ली के थोक सब्जी बाजार में सब्जियों की कीमतें अचानक दोगुनी हो गईं।


सब्जियों की कीमतों में वृद्धि

जानकारी के अनुसार, आजादपुर मंडी में धनिया की कीमत 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। अदरक की कीमत भी 100 रुपये से बढ़कर 120-130 रुपये प्रति किलो हो गई है। नींबू और पुदीना जैसी सब्जियों के दामों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।


ट्रांसपोर्टरों की समस्याएं

दुकानदारों का कहना है कि पूरे दिन में केवल 20 ट्रक ही मंडी पहुंचे, जो दिल्ली की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। प्याज और आलू के पुराने स्टॉक के कारण उनकी कीमतें स्थिर हैं, लेकिन यदि हड़ताल लंबी चली, तो इनकी कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।


यह हड़ताल, जो 21 मई से शुरू होकर 23 मई तक चलेगी, दिल्ली सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति सेस और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के विरोध में की जा रही है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्गीय चालक अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो रहे हैं।


यात्रियों पर प्रभाव

इस हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर लोग घंटों तक इंतजार करते हुए देखे जा रहे हैं। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सैकड़ों ट्रक खड़े हैं।


यात्री यह भी बता रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं, लेकिन किराया अभी भी वही है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए क्षतिपूर्ति सेस पर ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा बढ़ रहा है, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।