दिल्ली में ठंड और प्रदूषण का कहर: जानें मौसम की ताजा स्थिति
दिल्ली में ठंड का प्रकोप जारी
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड का असर लगातार पांचवें दिन भी बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार को तापमान में काफी गिरावट आई और शीत लहर की स्थिति कम से कम शुक्रवार तक बनी रहने की संभावना है। ठंड के कारण सुबह और रात के समय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह मानी जा रही है। यह सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से थोड़ा नीचे है। मौसम विभाग के अनुसार, यह 2023 के बाद जनवरी में दर्ज किया गया सबसे कम न्यूनतम तापमान है।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ठंड का प्रभाव
दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। पालम में अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम है। लोधी रोड, रिज और आयानगर जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 19 डिग्री के आसपास बना रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो पालम में पारा 2.3 डिग्री तक गिर गया, जो 2010 के बाद का सबसे कम स्तर है।
शीत लहर के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में पिछले चार दिनों से शीत लहर की स्थिति बनी हुई है और शुक्रवार को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
वायु गुणवत्ता की गंभीर स्थिति
ठंड के साथ-साथ दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गुरुवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 349 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। शहर के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर बेहद खराब बना रहा। पूसा क्षेत्र में AQI 386 दर्ज किया गया, जो सबसे खराब स्थिति रही।
प्रदूषण के मुख्य कारण
दिल्ली निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, शहर में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण परिवहन है, जिसका योगदान लगभग 14 प्रतिशत है। इसके बाद उद्योगों, आवासीय उत्सर्जन, निर्माण कार्य और कचरा जलाने से प्रदूषण बढ़ा। एनसीआर के झज्जर, रोहतक और सोनीपत जैसे जिलों का भी प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मौसम का पूर्वानुमान
स्काईमेट वेदर के अनुसार, 17 जनवरी से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीत लहर आने की आशंका है, जिससे ठंड फिर से बढ़ सकती है।
