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दिल्ली में नई अम्फीबियस मशीनों का उद्घाटन, जल निकासी में सुधार की उम्मीद

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई अम्फीबियस एक्स्कावेटर मशीनों का उद्घाटन किया, जो नजफगढ़ और पंखा रोड ड्रेन की सफाई में मदद करेंगी। इन मशीनों का उद्देश्य जल निकासी में सुधार करना और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम करना है। मुख्यमंत्री ने यमुना की सफाई के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रियों ने भी मशीनों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
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दिल्ली में नई अम्फीबियस मशीनों का उद्घाटन, जल निकासी में सुधार की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने लॉन्च की नई मशीनें

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बडुसराय पुल, नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन पर अत्याधुनिक अम्फीबियस एक्स्कावेटर मशीनों का उद्घाटन किया। इन मशीनों का उपयोग ड्रेनों की सफाई, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई के लिए किया जाएगा, जिससे जल निकासी की प्रक्रिया में तेजी आएगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के नालों की सफाई और यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है।


नजफगढ़ ड्रेन की विशेषताएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है, जिसमें लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट जमा होती है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जमा सिल्ट को निकालना कठिन कार्य था, लेकिन अब इन मशीनों की मदद से यह संभव हो रहा है। अनुमान है कि नजफगढ़ ड्रेन में एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा है, जिसे हटाने के लिए ये मशीनें उपयोग में लाई जाएंगी।


सरकार की प्रतिबद्धता

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यमुना और उससे जुड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी कहा कि इन मशीनों की मदद से जल प्रवाह क्षमता बढ़ेगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सकेगा।


स्थानीय समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए कहा कि जल और सीवर लाइनों का विस्तार किया जाएगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डिस्पेंसरी स्थापित की जाएंगी।


अम्फीबियस मशीनों की विशेषताएं

ये मशीनें बडुसराय पुल, काकरोला, द्वारका, उत्तम नगर समेत कई स्थानों पर तैनात की गई हैं। शॉर्ट बूम मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपये है, जबकि लॉन्ग बूम मशीन की लागत लगभग 3.15 करोड़ रुपये है। दोनों मशीनें विभिन्न परिस्थितियों में काम करने में सक्षम हैं।