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दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, एक्यूआई 350 के पार

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जहां एक्यूआई 350 के पार पहुंच चुका है। अक्टूबर से जनवरी तक की अवधि में बारिश न होने के कारण प्रदूषण के कण खतरनाक स्तर तक पहुंच गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में एक्यूआई की स्थिति बेहद खराब है, जिससे लोगों को साफ हवा की तलाश है। जानें इस गंभीर स्थिति के पीछे के कारण और वर्तमान आंकड़े।
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दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, एक्यूआई 350 के पार

प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति


दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर


नई दिल्ली: अक्टूबर से दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस दौरान एक्यूआई कई दिनों तक 300 से ऊपर रहा है और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। यह समस्या जनवरी में भी जारी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले वर्ष अक्टूबर से अब तक बारिश न होने के कारण प्रदूषण के कण खतरनाक स्तर तक पहुंच गए हैं। शुक्रवार को हवा की गति में कमी आने से प्रदूषण की परत और भी गहरी हो गई, जिससे एक्यूआई में और गिरावट आई।


आज सुबह का प्रदूषण स्तर

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 358 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। विभिन्न क्षेत्रों में एक्यूआई की स्थिति इस प्रकार है: अलीपुर में 309, आनंद विहार में 425, अशोक विहार में 369, आया नगर में 338, बवाना में 354, बुराड़ी में 316, और चांदनी चौक में 408 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, डीटीयू में 339, द्वारका सेक्टर-8 में 401, रोहिणी में 380, सोनिया विहार में 349, विवेक विहार में 414, और वजीरपुर में 383 एक्यूआई है।


दिल्ली में प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति

वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दिल्ली का वार्षिक औसत एक्यूआई 201 रहा। यह चिंताजनक है कि पूरे वर्ष में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब हवा की गुणवत्ता अच्छी श्रेणी में रही हो। इस दौरान 79 दिन संतोषजनक, 121 दिन मध्यम, 86 दिन खराब, 71 दिन बहुत खराब और 8 दिन गंभीर श्रेणी में दर्ज किए गए। 2024 की तुलना में, 2025 में संतोषजनक दिनों की संख्या में थोड़ी वृद्धि हुई है, जबकि गंभीर श्रेणी के दिनों की संख्या में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में एक्यूआई में सुधार का मुख्य कारण जून और जुलाई के दौरान बेहतर वायु गुणवत्ता रही।