Newzfatafatlogo

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई तकनीकों का उपयोग

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तीन नई तकनीकों का निरीक्षण किया। ये तकनीकें शहरी वायु प्रदूषण को कम करने के लिए विकसित की गई हैं और पूरे वर्ष कार्यरत रहेंगी। मुख्यमंत्री ने इन उपकरणों की कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता के बारे में जानकारी ली। दिल्ली सरकार का यह प्रयास प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
 | 
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई तकनीकों का उपयोग

दिल्ली की हवा को शुद्ध करने की नई पहल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को राजधानी में स्थापित तीन अत्याधुनिक एयर प्यूरीफिकेशन तकनीकों का निरीक्षण किया। ये तकनीकें शहरी वायु प्रदूषण, धूल, धुएं, पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य हानिकारक प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए विकसित की गई हैं। इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनकी प्रभावशीलता के बारे में जानकारी ली।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ यह अभियान केवल सर्दियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे वर्ष चलने वाला है। सरकार पारंपरिक उपायों के साथ-साथ नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत विकसित तकनीकें पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


नवीनतम एयर प्यूरीफायर सिस्टम का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने पहले एसटीआर 101 फिल्टर-रहित एयर प्यूरीफायर सिस्टम का निरीक्षण किया, जो रामा रोड पर स्थापित किया गया है। यह प्रणाली हवा में मौजूद प्रदूषकों को कम करने में सक्षम है और प्रति घंटे लगभग तीन लाख लीटर हवा को शुद्ध करने की क्षमता रखती है।


इस प्रणाली में हाई-फ्रीक्वेंसी चिप तकनीक का उपयोग किया गया है, जो हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को निष्क्रिय करती है। यह पूरी तरह से स्वचालित है और इसमें किसी उपभोग्य सामग्री की आवश्यकता नहीं होती।


ईवी माउंटेड एंटी स्मॉग गन का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने कीर्ति नगर से मायापुरी मार्ग पर भारत की पहली ईवी-आधारित एंटी स्मॉग गन का भी निरीक्षण किया। यह प्रणाली उच्च दबाव वाले पंप और हाई-स्पीड फैन का उपयोग करके सूक्ष्म जल कणों का छिड़काव करती है, जिससे प्रदूषण का स्तर कम होता है।


इस तकनीक में रियल-टाइम पीएम सेंसर और आईओटी आधारित नियंत्रण प्रणाली भी है, जो वायु गुणवत्ता के अनुसार स्वतः संचालित होती है।


पवन III प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने पवन III रोडसाइड एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस का भी निरीक्षण किया, जो वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित करने के लिए विकसित की गई है।


इस प्रणाली ने कोल्हापुर में फील्ड ट्रायल के दौरान हवा में मौजूद पार्टिकुलेट प्रदूषण में लगभग 29 प्रतिशत की कमी दर्ज की।


स्वच्छ दिल्ली का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। धूल नियंत्रण, वाहनों से उत्सर्जन में कमी, और वृक्षारोपण जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार आधुनिक तकनीकों का परीक्षण कर रही है, जो प्रदूषण को कम करने में सहायक होंगी।