दिल्ली में लू का अलर्ट: तापमान में तेजी से वृद्धि की संभावना
अप्रैल में गर्मी का अहसास
दिल्ली में मौसम का हाल
दिल्ली-एनसीआर में 10 अप्रैल तक मौसम काफी सुहावना था, जहां तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच था। लेकिन पिछले 10 दिनों में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। वर्तमान में, राजधानी और उसके आस-पास का तापमान लगभग 40 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे लोग गर्मी से परेशान हैं। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव खत्म होने के कारण हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दिल्ली और एनसीआर के कई क्षेत्रों में लू का प्रकोप जल्द ही देखने को मिल सकता है।
सोमवार को लू का अलर्ट
सोमवार को लोगों ने अप्रैल में जून जैसी गर्मी का अनुभव किया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। मौसम विभाग ने पूरे दिन लू के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। इस दौरान अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच दिनों में दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जिससे लू की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
आगामी पांच दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 20 से 24 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री के आसपास रहेगा। इस दौरान आसमान साफ रहेगा और कई स्थानों पर लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।
उत्तर और पश्चिम भारत में लू का प्रभाव
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र में लू के दिन सामान्य से अधिक हो सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है, इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान के लिए तैयार रहना चाहिए।
मई और जून में गर्मी का प्रकोप
मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।
