दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई के वकील पर फायरिंग: क्या है इस हमले की सच्चाई?
दिल्ली में गोलीबारी से मची हलचल
नई दिल्ली : मंगलवार शाम को दिल्ली के कश्मीरी गेट क्षेत्र में अचानक गोलियों की आवाज सुनकर लोग दंग रह गए। लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम के वकील संदीप पर उस समय हमला हुआ जब वे हनुमान मंदिर से लौट रहे थे। इस घटना ने दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल वकील को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि हमलावर अभी भी फरार हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
घटना का विवरण
यह घटना मंगलवार को लगभग 6:19 बजे हुई। वकील संदीप और उनके साथी दीपक कश्मीरी गेट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। जैसे ही वे अपनी कार में बैठे और ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ाई, तभी घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने चार राउंड गोलियां चलाईं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में संदीप को गोलियां लगीं।
ड्राइवर की सूझबूझ ने बचाई जान
गोलीबारी शुरू होते ही कार के ड्राइवर ने साहस दिखाते हुए गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। उसने बिना रुके सिविल लाइंस स्थित मेडेन होटल के सामने गाड़ी रोकी। ड्राइवर की इस चतुराई के कारण हमलावर दोबारा निशाना नहीं साध सके, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। होटल के पास पहुंचने के बाद ही पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई।
घायल वकील की स्थिति
इस हमले में वकील संदीप को दो गोलियां लगी हैं। उन्हें तुरंत अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम नजर रख रही है। संदीप लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम का हिस्सा हैं, इसलिए इस हमले को किसी पुरानी दुश्मनी या गैंगवार से जोड़ा जा रहा है। उनके साथ मौजूद दीपक इस हमले में बाल-बाल बच गए हैं।
पुलिस की जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस के आसपास के क्षेत्र को घेर लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।
CCTV फुटेज से हमलावरों की पहचान
जांच अधिकारी अब हनुमान मंदिर से मेडेन होटल के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि हमलावरों के चेहरे या उनकी मोटरसाइकिल का नंबर किसी कैमरे में कैद हो गया होगा। कश्मीरी गेट और आईएसबीटी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की फायरिंग पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस घटना के बाद दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
