दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारी, अप्रैल में शुरू होगा
दिल्ली में SIR अभियान का आगाज़
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। बिहार और अन्य राज्यों में सफल परीक्षण के बाद, अब दिल्ली में भी इस अभियान की तैयारी की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी नामों को हटाना और योग्य युवाओं के नाम जोड़कर एक 'क्लीन' इलेक्टोरल रोल तैयार करना है। SIR प्रक्रिया अप्रैल में शुरू होने की संभावना है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस बार प्रक्रिया केवल कागजी नहीं होगी, बल्कि आधुनिक मोबाइल एप और आधार डेटा के लॉजिकल मिलान पर आधारित होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लक्ष्य 'जीरो एरर' मतदाता सूची बनाना है, ताकि कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और मृत या पलायन कर चुके व्यक्तियों के नाम सूची में न रहें।
दिल्ली जैसे महानगर में तेजी से हो रहे शहरीकरण और प्रवासियों की बड़ी संख्या के कारण मतदाता सूची में विसंगतियां बढ़ गई थीं। कई क्षेत्रों में एक ही फोटो पर कई नाम या एक ही मकान नंबर पर दर्जनों मतदाताओं की शिकायतें मिलती रही हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए आयोग ने SIR की राह पकड़ी है। इसके तहत डेटा की शुद्धता के लिए स्वैच्छिक आधार नंबर का मिलान किया जाएगा। नगर निगम के मृत्यु प्रमाण पत्र डेटा के साथ सूची का मिलान कर नाम हटाए जाएंगे।
चुनाव आयोग के इस निर्णय ने दिल्ली की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने कार्यकर्ताओं और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। विपक्ष ने इसे मतदाता सूची में हेरफेर रोकने के लिए आवश्यक बताया है, जबकि कुछ हलकों में चिंता है कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम न कट जाएं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने SIR की घोषणा का स्वागत किया है और कहा है कि इससे अवांछित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने बताया कि भाजपा ने प्रदेश एवं जिला स्तर पर मतदाताओं को SIR प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की है, जिसमें एक वकील भी शामिल है। भाजपा चुनाव आयोग के साथ पूरा सहयोग करेगी।
