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दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में फिर से वृद्धि, आम जनता पर बढ़ा बोझ

दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में हाल ही में दो रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता और वाणिज्यिक वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों के बजट को प्रभावित किया है, और ट्रांसपोर्टिंग चार्ज में वृद्धि के कारण खाद्य सामग्री की कीमतें भी बढ़ रही हैं। ऑटो चालकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जिससे उनकी आमदनी पर संकट आ गया है। जानें इस बढ़ोतरी का व्यापक असर और लोगों की प्रतिक्रियाएं।
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दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में फिर से वृद्धि, आम जनता पर बढ़ा बोझ

सीएनजी की नई कीमतें

दिल्ली: सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। अब सीएनजी का नया मूल्य ₹83.09 प्रति किलोग्राम हो गया है, जो कि दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद लागू हुआ है। यह बदलाव सुबह 6 बजे से प्रभावी हो चुका है।


महंगाई का असर

हाल के दिनों में लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। पिछले सोमवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की गई थी, और यह सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का तीसरा मौका है। इस बढ़ोतरी के कारण आम जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।


ट्रांसपोर्टिंग चार्ज में वृद्धि

दिल्ली में महंगाई का असर हर क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि के कारण लोगों का बजट बिगड़ गया है, जिससे खाद्य सामग्री की कीमतें भी बढ़ रही हैं। ईटीवी भारत की टीम ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में सीएनजी पंप पर जाकर देखा कि सीएनजी भरवाने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं।


ऑटो चालकों की चिंताएं

ऑटो चालकों से बातचीत के दौरान, बृजेश प्रजापति ने कहा कि यदि डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन किराया नहीं बढ़ रहा है। इससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


आर्थिक संकट

नाजीर ने बताया कि सीएनजी की कीमतों में वृद्धि से उनकी आमदनी पर संकट आ गया है। वे दिन में 400 से 500 रुपये कमाते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है।


सीएनजी की बढ़ती कीमतें

राकेश कुमार ने कहा कि सीएनजी की कीमतों में वृद्धि से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है। उनकी कमाई नहीं बढ़ रही है, जबकि खर्च बढ़ता जा रहा है। यदि कमाई में वृद्धि होती, तो स्थिति बेहतर होती, लेकिन केवल महंगाई बढ़ रही है।


निष्कर्ष

सीएनजी, जो पहले सस्ते और किफायती ईंधन के रूप में जानी जाती थी, अब लगातार महंगी होती जा रही है। हाल ही में गैस वितरण कंपनियों ने उपभोक्ताओं को एक और झटका देते हुए सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की है। यह चौथी बार है जब 12 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं पर बोझ डाला गया है।