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दिल्ली में हरी सब्जियों के थोक दाम में भारी गिरावट

दिल्ली में हरी सब्जियों के थोक दाम में भारी गिरावट आई है, जहां भिंडी 3 रुपये, तोरई 6 रुपये और करेला 15 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फुटकर बाजार में इनकी कीमतें 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और किसान किस तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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दिल्ली में हरी सब्जियों के थोक दाम में भारी गिरावट

नई दिल्ली में सब्जियों की कीमतों में गिरावट


नई दिल्ली। थोक मंडी में हरी सब्जियों की कीमतें तेजी से गिर रही हैं। भिंडी 3 रुपये, बोड़ा 3 रुपये, तोरई 6 रुपये और करेला 15 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। लौकी की कीमत भी 5 से 10 रुपये प्रति पीस है। हरी मिर्च की कीमत 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह पूरी तरह सच है। थोक और फुटकर बाजार में सब्जियों के दाम में बड़ा अंतर है।


थोक और फुटकर सब्जियों के दाम


शिवसागर, जो दिल्ली में सब्जी बेचते हैं, ने बताया कि आजादपुर मंडी में शनिवार को भिंडी 20 रुपये प्रति किलो बिकी, जबकि फुटकर में इसकी कीमत 60 रुपये थी। तोरई 15 रुपये किलो, अमरोहा की तोरई 24 रुपये और लोकल तोरई 25 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। यही सब्जियां फुटकर में 40 से 60 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रही हैं।


फुटकर दाम की बात करें तो दिल्ली-नोएडा जैसे महानगरों में इन सब्जियों की कीमत 40 से 60 रुपये प्रति किलो है, जबकि छोटे कस्बों और गांवों में यह महज दो से तीन गुने का अंतर है।


किस मंडी में इतनी सस्ती सब्जियां मिल रही हैं?


आप सोच रहे होंगे कि भिंडी 3 रुपये और तोरई 6 रुपये किलो कहां मिल रही है? इसका उत्तर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के कप्तानगंज की थोक सब्जी मंडी में है। पिछले कुछ दिनों से यहां सब्जियों की कीमतें काफी गिर गई हैं। एक किसान मंडी में 1 क्विंटल बोड़ा लाते हैं, जिसे वे गाय को खिला देते हैं।


फसल लहलहा रही है, फिर भी किसान क्यों हैं परेशान?


मथौली कस्बे के किसान गिरजा यादव ने एक खेत किराए पर लिया है, जहां भिंडी की फसल लहलहा रही है। रविवार सुबह गिरजा और उनके परिवार के सदस्य भिंडी तोड़ने में लगे थे, लेकिन उनके चेहरे पर खुशी नहीं थी। गिरजा ने कहा कि लागत तो छोड़िए, अपनी मजदूरी भी नहीं निकल रही। मंडी में 1 क्विंटल भिंडी बेचने पर उन्हें 300 रुपये मिलेंगे, जबकि लोकल मार्केट में कम से कम 600 रुपये मिल सकते हैं।


गिरजा ने बताया कि हाल ही में बेमौसम बारिश के कारण हरी सब्जियों की पैदावार अचानक बढ़ गई, जिससे मंडियों और छोटे बाजारों में सब्जियों के दाम गिर गए। एक महीने पहले यही भिंडी, करेला और तोरई 60 रुपये से ऊपर बिक रही थीं। इसके अलावा, लोग अब छतों पर भी सब्जियां उगाने लगे हैं, जिसका असर बाजार पर पड़ रहा है।