दिल्ली मेट्रो के 21 स्टेशनों के नामों में बदलाव: 12 नाम यथावत, 7 में संशोधन
दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों के नामों में बदलाव
दिल्ली: मेट्रो यात्रा के दौरान अब यात्रियों को स्थानीय संस्कृति और पहचान की झलक मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली मेट्रो के 21 स्टेशनों के नामों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जनभावनाओं और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, प्राधिकरण ने 12 स्टेशनों के नामों को बिना बदलाव के रखा है, जबकि 7 नामों में संशोधन किया गया है और 2 नाम पूरी तरह से बदल दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेट्रो स्टेशन केवल परिवहन के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे उस क्षेत्र की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, "स्टेशनों के नाम तय करते समय हमने ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को ध्यान में रखा है। हमारा उद्देश्य यात्रियों के भ्रम को समाप्त करना और क्षेत्र की पहचान को स्पष्ट करना है।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में जनता की ओर से कोई उचित प्रस्ताव आता है, तो प्राधिकरण उसे नियमों के तहत विचार करेगा।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में प्रस्तावित नामों में से 12 को बिना किसी बदलाव के स्वीकार किया गया है। इनमें शामिल हैं: मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झड़ौदा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि और मौजपुर-बाबरपुर।
संशोधित नाम (पुराना नाम बनाम नया नाम):
- उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार: इसे पहले केवल प्रशांत विहार के नाम से जाना जाता था।
- श्री राम मंदिर मयूर विहार: मयूर विहार पॉकेट-1 का नाम अब श्री राम मंदिर के नाम पर होगा।
- खानपुर-वायुसैनाबाद: खानपुर स्टेशन के नाम में वायुसैनाबाद जोड़ा गया है।
- नानक प्याऊ-डेरावल नगर: डेरावल नगर के साथ अब नानक प्याऊ की पहचान जुड़ गई है।
- अन्य: जगतपुर-वजीराबाद, नानकसर-सोनिया विहार और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव।
प्राधिकरण ने नॉर्थ पीतमपुरा का नाम बदलकर हैदरपुर गांव कर दिया है। इसी तरह, पीतमपुरा स्टेशन का नाम अब मधुबन चौक के रूप में जाना जाएगा। यह बदलाव क्षेत्र की वास्तविकता और प्रसिद्ध लैंडमार्क को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
