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दिल्ली हाई कोर्ट में नरेश बाल्यान का मामला: जज ने खुद को सुनवाई से अलग किया

दिल्ली हाई कोर्ट में आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई से जज जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने खुद को अलग कर लिया है। इस मामले की सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी। अरविंद केजरीवाल ने जज के रवैये पर असंतोष जताते हुए उन्हें सुनवाई से हटाने की मांग की है। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की सुनवाई में क्या हो सकता है।
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दिल्ली हाई कोर्ट में नरेश बाल्यान का मामला: जज ने खुद को सुनवाई से अलग किया

नरेश बाल्यान का मामला

आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान से संबंधित एक नया मामला सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने MCOCA मामले में बाल्यान की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इस मामले की सुनवाई आज होनी थी, लेकिन अब इसे 23 अप्रैल को दूसरे जज के समक्ष रखा जाएगा।


जज पर असंतोष

जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा दिल्ली के शराब घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई भी कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांत के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य नेताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा को इस मामले से हटाने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जस्टिस शर्मा का रवैया पक्षपाती है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही शराब घोटाले में उनके आदेशों को रद्द कर चुका है, इसलिए निष्पक्ष सुनवाई के लिए मामले को दूसरी बेंच को सौंपने की अपील की गई है।


आज की सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट आज शाम 4:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य की उस याचिका पर निर्णय सुनाएगा, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस शर्मा ने कहा कि हालांकि फैसला दोपहर 2:30 बजे सुनाया जाना था, लेकिन वह केजरीवाल के जवाब को लिखित रूप में स्वीकार करने के लिए प्रयासरत हैं।


आप का बयान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जज के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने जस्टिस शर्मा से सीबीआई द्वारा प्रस्तुत लिखित सबमिशन पर अपना जवाब रिकॉर्ड में शामिल करने का अनुरोध किया।


'आप' ने एक बयान में कहा, 'अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई के एफिडेविट पर अपना जवाब प्रस्तुत किया है, लेकिन इसे रिकॉर्ड में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। केजरीवाल अनुरोध करेंगे कि उनका जवाब रिकॉर्ड में लिया जाए। हमारे जवाब बार-बार क्यों नहीं स्वीकार किए जा रहे हैं।'


शराब घोटाले के आरोप में लोअर कोर्ट ने फरवरी में अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसकी सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा कर रहे हैं।


केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जज के दोनों बच्चे भारत सरकार के पैनल में हैं, जिससे उन्हें अधिक केस मिलते हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा अक्सर बीजेपी और आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं, इसलिए उन्हें न्याय मिलने की संभावना कम है।