दिल्ली हाईकोर्ट की जज ने शराब नीति मामले से खुद को अलग किया
दिल्ली शराब नीति मामले में जज का अलग होना
दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्णकांता शर्मा ने दिल्ली शराब नीति से संबंधित मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इस बीच, अदालत ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित पांच अन्य नेताओं के खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आप नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर सोशल मीडिया पर न्यायाधीश स्वर्णकांता के खिलाफ एक अभियान चलाया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और अदालत की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची। जस्टिस शर्मा ने अपने आदेश में इस मुद्दे को स्पष्ट और कठोर शब्दों में उठाया।
दिल्ली शराब नीति मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा द्वारा की जा रही थी। सुनवाई के दौरान, आम आदमी पार्टी ने न्यायाधीश के खिलाफ एक रिफ्यूजल याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया कि जज को इस मामले से अलग होना चाहिए। पार्टी का तर्क था कि जब तक जज इस मामले में बने रहेंगे, उन्हें न्याय मिलने की संभावना कम है। अदालत ने उनकी याचिका पर विचार किया और अपना निर्णय सुनाया।
