देवास में भीषण आग ने गरीब परिवार की जिंदगी को पल भर में तबाह किया
आग से तबाही का मंजर
देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक भयंकर आग ने एक गरीब परिवार के सपनों और उनकी मेहनत की कमाई को चंद मिनटों में नष्ट कर दिया। नेवरीफाटा के निकट अचानक लगी इस आग में एक दर्जन से अधिक झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में सबसे अधिक नुकसान बाबूलाल नाथ को हुआ, जिनकी लगभग 9 लाख रुपए की नकदी और घर में रखे चांदी के आभूषण भी आग में जल गए।
बचाव में सूझबूझ का परिचय
आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बाबूलाल नाथ ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में तत्परता दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, उनकी मेहनत की कमाई और सपने कुछ ही मिनटों में राख में बदल गए। आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, और लोग अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करते रहे।
खेत से फैली आग का कहर
यह घटना इंदौर-भोपाल राज्य मार्ग पर नेवरी फाटा के पास खाटू श्याम मंदिर के पीछे हुई। आग की शुरुआत एक खेत से हुई, जो तेजी से झुग्गियों तक पहुंच गई। आग जिस खेत में लगी, वह शेख अब्दुल करीम का है, जिसे पवन राठौर द्वारा बटाई पर खेती की जा रही थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय लोगों की कोशिशें नाकाम हो गईं।
दमकल की देरी से बढ़ा नुकसान
इस घटना में प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल विभाग को समय पर सूचना देने के बावजूद, फायर ब्रिगेड लगभग डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक झोपड़ियां जलकर राख हो चुकी थीं। इस देरी के कारण नुकसान कई गुना बढ़ गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। अंततः चार से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने तीन घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
