नंदिनी हरिनाथ की साड़ी अब स्मिथसोनियन म्यूज़ियम में प्रदर्शित
नंदिनी हरिनाथ: 'रॉकेट वुमन'
नंदिनी हरिनाथ की साड़ी: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ द्वारा पहनी गई साड़ी, जो उन्होंने भारत के ऐतिहासिक मंगलयान मिशन के दौरान पहनी थी, अब अमेरिका के स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूज़ियम में प्रदर्शित की जा रही है। यह प्रदर्शनी भारत के मंगल मिशन की सफलता और महिला वैज्ञानिकों के योगदान को उजागर करती है।
300 दिनों की यात्रा की शुरुआत:
वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन म्यूज़ियम ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया कि यह साड़ी देखने में साधारण लगती है, लेकिन इसके पीछे भारत के मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) की ऐतिहासिक सफलता की कहानी छिपी हुई है। नंदिनी हरिनाथ ने इस नीले और लाल रंग की साड़ी को उसी दिन पहना था, जब ISRO का मंगलयान पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकला और मंगल ग्रह की 300 दिनों की यात्रा पर रवाना हुआ।
महिला वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका:
जब ISRO ने 2014 में सफलतापूर्वक एक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह पर भेजा, तो भारत एशिया का पहला और दुनिया का चौथा देश बन गया। यह मिशन अपने पहले प्रयास में सफल होने के कारण विश्व का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा और इसे कम बजट में पूरा किया गया। मंगलयान केवल तकनीकी सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक महत्वाकांक्षा का भी प्रतीक बन गया, जिसमें महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएँ निभाईं। अब, इस ऐतिहासिक उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण प्रतीक—नंदिनी हरिनाथ द्वारा पहनी गई साड़ी—को स्मिथसोनियन म्यूज़ियम में स्थान मिला है।
भारत का मंगल ग्रह तक पहुंचना:
नंदिनी हरिनाथ मंगलयान मिशन की डिप्टी ऑपरेशंस डायरेक्टर थीं। उन्होंने मिशन की योजना बनाने और उसके सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मिशन की अवधि 6 से 10 महीने से अधिक, यानी पूरे 8 साल तक, यह यान मंगल ग्रह की कक्षा में रहा और उसकी सतह और वायुमंडल का अध्ययन करता रहा। इस सफलता ने भारत को मंगल ग्रह तक पहुंचने वाला पहला एशियाई देश और दुनिया का चौथा देश बना दिया।
