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नए नियमों के तहत व्हाट्सएप वेब यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा

दूरसंचार विभाग ने व्हाट्सएप वेब और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा। यह नियम सिम बाइंडिंग से संबंधित है, जिसका उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और टेक कंपनियों की प्रतिक्रिया।
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नए नियमों के तहत व्हाट्सएप वेब यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा

दूरसंचार विभाग के नए दिशा-निर्देश

नई दिल्ली - दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत 'व्हाट्सएप वेब' जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना अनिवार्य होगा।


हाल ही में जारी निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि वेब आधारित प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, अराटाई, स्नैपचैट, शेयरचैट आदि पर यूजर्स का पंजीकरण संबंधित सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल (एसआईएम) सेवाओं से जुड़ा होना चाहिए।


इसका अर्थ है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की सेवाएं सिम से जुड़ी रहेंगी। जब तक सिम यूजर्स के फोन में सक्रिय है, तब तक ही वे इन ऐप्स का उपयोग कर सकेंगे। जैसे ही सिम बंद होगी, सेवाएं भी बंद हो जाएंगी। इस कारण से 'व्हाट्सएप वेब' जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना पड़ेगा।


दूरसंचार विभाग के सर्कुलर में कहा गया है कि यदि डिवाइस में मूल सिम मौजूद नहीं है, तो 90 दिनों के बाद इन ऐप्स का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रत्येक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म को चार महीनों के भीतर सरकार को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह कदम सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया है, क्योंकि साइबर जालसाज अक्सर बिना सिम के व्हाट्सएप का उपयोग करके धोखाधड़ी करते थे।


सिम बाइंडिंग को अनिवार्य करने से किसी सब्सक्राइबर की गतिविधियों का पता लगाना संभव होगा, जिससे धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। ये नियम दूरसंचार साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 के तहत लागू किए गए हैं, जिसमें दूरसंचार पहचानकर्ता उपयोगकर्ता इकाई का विचार शामिल है। संशोधित नियमों के अनुसार, प्लेटफॉर्म को सिम पर संग्रहीत अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल ग्राहक पहचान (आईएमएसआई) तक पहुंच की आवश्यकता होगी, जिसके लिए व्हाट्सएप जैसी वैश्विक सेवाओं को भारतीय यूजर्स के लिए अपने सिस्टम के कुछ हिस्सों को फिर से डिजाइन करना होगा।


टेक कंपनियों का कहना है कि लगातार सिम जांच और छह घंटे में लॉगआउट करने की आवश्यकता यूजर्स की प्राइवेसी में बाधा डाल सकती है और मल्टी-डिवाइस उपयोग की सुविधा को समाप्त कर सकती है। हालांकि, दूरसंचार कंपनियों ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया है।