नागपुर में RSS मुख्यालय पर रेडियोएक्टिव पदार्थ की धमकी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
नागपुर में सुरक्षा अलर्ट
नागपुर से एक महत्वपूर्ण समाचार आ रहा है। RSS के मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर रेडियोएक्टिव सामग्री के संदर्भ में सुरक्षा एजेंसियों ने उच्च सतर्कता बरती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें चेतावनी मिली थी कि सीजियम-137 जैसे रेडियोएक्टिव पदार्थ वहां मौजूद हो सकते हैं। सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर हर कोने की गहन जांच की, यहां तक कि मिट्टी के कणों की भी। हालांकि, जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, फिर भी खतरे के स्तर को देखते हुए एजेंसियां अभी भी अलर्ट पर हैं। यह घटना ब्राजील में हुई गोइयानिया दुर्घटना की याद दिलाती है।
ब्राजील की घटना
यह घटना 1987 की है, जब दो कबाड़ियों ने एक बंद अस्पताल से पुरानी रेडियोथेरेपी मशीन चुरा ली। उन्हें लगा कि मशीन के अंदर कीमती पुर्जों को बेचकर वे लाभ कमा सकते हैं। पैसे की लालच में उन्होंने मशीन को तोड़ दिया, जिससे सीजियम क्लोराइड का चमकदार नीला पाउडर बाहर निकला। यह पाउडर देखने में आकर्षक था, जिससे लोग इसे एक-दूसरे को दिखाने लगे। बच्चों ने इसे अपने शरीर पर मलना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में चार लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक लोग रेडिएशन के प्रभाव में आ गए। इसके बाद कई शवों को गहराई में दफनाना पड़ा।
दिल्ली में हुई घटना
2010 में दिल्ली के मयूर विहार में भी एक समान घटना हुई थी। दिल्ली विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग ने एक पुरानी मशीन में कोबाल्ट-60 पाया था, जिसे उन्होंने कबाड़ी को बेच दिया। कबाड़ियों ने मशीन को काटने के दौरान रेडिएशन का सामना किया, जिससे एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद भारत में रेडियोएक्टिव कचरे के निपटान के नियमों को और सख्त किया गया।
मेक्सिको में हुई घटना
2013 में मेक्सिको में कुछ आतंकवादियों ने कोबाल्ट-60 ले जा रहे एक ट्रक को हाईजैक कर लिया। उनका इरादा केवल ट्रक को लूटना था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि ट्रक में क्या सामग्री है। बाद में, ट्रक लावारिस हालत में मिला और चोरों को रेडिएशन से संबंधित गंभीर बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
रेडियोएक्टिव पदार्थों का विवरण
धमकी भरे पत्र में विशेष रूप से सीजियम-137 का उल्लेख किया गया है, जिसका उपयोग अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए, विशेषकर रेडियोथेरेपी में किया जाता है।
