नागरिक अस्पताल में कायाकल्प टीम का निरीक्षण: खामियों की पहचान
कायाकल्प टीम का निरीक्षण
जींद। नागरिक अस्पताल में एक तीन सदस्यीय चिकित्सक टीम ने वीरवार को लगभग साढ़े पांच घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अस्पताल प्रशासन को विभिन्न खामियों के बारे में बताया। इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, लैब, लेबर रूम, ओपीडी और अन्य वार्डों की जांच की गई। इमरजेंसी वार्ड और पीछे के पेशेंट वार्ड में स्वच्छता की कमी पाई गई।
इस पर टीम ने स्वच्छता के लिए विशेष निर्देश दिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के लिए साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल और मरीजों की देखभाल से संबंधित नियम बनाए हैं। जो अस्पताल इन मानकों पर खरा उतरता है, उसे नकद पुरस्कार दिया जाता है। टीम अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर रैंकिंग करेगी और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। यदि जींद अस्पताल को 70 से अधिक अंक मिलते हैं, तो नकद पुरस्कार निश्चित होगा, जिससे सुविधाओं में सुधार किया जा सकेगा.
इमरजेंसी वार्ड में खामियों की पहचान
कायाकल्प टीम, जिसमें डा. गगन सिंगला (एएसएमओ डीसीएच पंचकूला), डा. ममता धीमान (एमओ एसडीएच कालका), और डा. नूरीन (एमओ अर्बन एरिया पंचकूला) शामिल थे, ने नागरिक अस्पताल में गहन जांच की। निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से हुई। यहां टीम ने देखा कि मेडिकल वेस्ट के लिए डस्टबीन में पॉलीथिन नहीं लगाया गया था। इसके अलावा, सूखे और गीले मेडिकल वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबीन भी नहीं रखे गए थे। जब स्वास्थ्यकर्मियों से इस बारे में पूछा गया, तो वे इधर-उधर देखने लगे।
टीम ने यह भी पाया कि एचकेआरएनएल कर्मियों की नाम प्लेट नहीं थी और वार्ड में सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। इमरजेंसी वार्ड के पास सफाई का सामान रखा गया था, लेकिन पेशेंट वार्ड में इलेक्ट्रिक बटनों पर धूल जमी हुई थी। डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल और मरीजों की देखभाल से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को सही तरीके से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। टीम अस्पताल प्रशासन से संतुष्ट है और छोटी-मोटी कमियों को जल्द ही पूरा किया जाएगा। कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर पुरस्कार जीतेगा।
