नागरिकता नियम 2026: डिजिटल प्रक्रिया से OCI धारकों को मिलेगी नई सुविधाएं
गृह मंत्रालय द्वारा नए नागरिकता नियमों की घोषणा
गृह मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन नियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जो 2009 के नियमों को अपडेट करते हैं। ये नए नियम 'ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्डधारकों और नागरिकता आवेदनों से जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से सुलभ बनाते हैं। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना, उनकी पारदर्शिता को बढ़ाना और उन्हें तेज करना है।
अब OCI कार्ड के लिए आवेदन और उसे सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। पहले कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है और एक डिजिटल आवेदन प्रणाली लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने 'e-OCI' सुविधा शुरू की है, जिसके तहत आवेदकों को भौतिक कार्ड के साथ-साथ एक इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन भी प्रदान किया जाएगा.
नाबालिग बच्चों के लिए नए नियम
नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव
गुरुवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव नाबालिग बच्चों से संबंधित है। नई अधिसूचना के अनुसार, कोई भी नाबालिग बच्चा एक ही समय में भारतीय पासपोर्ट और किसी अन्य देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता। पहले यह केवल एक घोषणा के रूप में आवश्यक था, लेकिन अब इसे नियमों में शामिल कर दिया गया है।
OCI दर्जे को सरेंडर करने की प्रक्रिया
OCI दर्जे को सरेंडर करने की इच्छा जताने पर, व्यक्ति को अपना मूल कार्ड निकटतम भारतीय मिशन, डाकघर, या 'विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी' (FRRO) के पास जमा करना होगा। यदि सरकार किसी व्यक्ति का OCI दर्जा रद्द कर देती है, तो भी कार्ड वापस करना अनिवार्य होगा.
डिजिटल पंजीकरण की नई सुविधा
सरकार अब e-OCI धारकों से जुड़े मामलों में अपने डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से सीधे पंजीकरण रद्द कर सकेगी, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और कुशल बन जाएगी। इस व्यवस्था के तहत, आवेदकों को या तो एक भौतिक OCI कार्ड मिलेगा या उन्हें डिजिटल रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी। आवेदन खारिज होने की स्थिति में अपील प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया है, जिससे आवेदक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
OCI का दर्जा रद्द होने पर क्या करें?
OCI का दर्जा रद्द हो जाए तो क्या होगा?
OCI का दर्जा छोड़ने की इच्छा जताने पर, व्यक्ति को अपना मूल कार्ड निकटतम भारतीय दूतावास, डाकघर, या 'विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी' (FRRO) के पास जमा करना होगा। यदि सरकार OCI का दर्जा रद्द कर देती है, तब भी कार्ड वापस करना अनिवार्य है।
सरकार अब अपने डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए e-OCI धारकों का पंजीकरण सीधे रद्द कर सकेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी। नए नियमों के तहत, डुप्लीकेट दस्तावेज जमा करने की शर्त को समाप्त कर दिया गया है और e-OCI प्रणाली लागू की गई है।
