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नासिक में टीसीएस बीपीओ यूनिट में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोप

महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों के खिलाफ यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में एचआर मैनेजर निदा खान का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस ने अब तक नौ एफआईआर दर्ज की हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करता है। जांच जारी है और टीसीएस ने भी आंतरिक जांच शुरू की है।
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नासिक में टीसीएस बीपीओ यूनिट में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोप

नासिक में टीसीएस बीपीओ यूनिट का विवाद


महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बीपीओ शाखा में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां महिला कर्मचारियों के खिलाफ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की गुप्त जांच के परिणामस्वरूप अब तक नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और छह टीम लीडर्स सहित कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।


मुख्य आरोपी: निदा खान

इस मामले में एचआर मैनेजर निदा खान का नाम प्रमुखता से उभरा है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनकी शिकायतों को अनसुना किया गया और आरोपी पुरुष कर्मचारियों को संरक्षण दिया गया। यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करता है।


निदा खान की पृष्ठभूमि

निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं और नासिक टीसीएस बीपीओ यूनिट में एचआर विभाग की मैनेजर थीं। उनकी जिम्मेदारी में कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान करना और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। वे कंपनी की आंतरिक शिकायत निवारण समिति की भी सदस्य थीं।


महिलाओं के खिलाफ गंभीर आरोप

पीड़ित महिलाएं, जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है, ने आरोप लगाया है कि टीम लीडर्स ने उन्हें बेहतर वेतन और पदोन्नति का लालच देकर फंसाया। इसके बाद उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया। कई मामलों में ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के आरोप भी सामने आए हैं।


निदा खान पर आरोप

निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने बार-बार की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया। वे POSH समिति की सदस्य होते हुए भी शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और आरोपी कर्मचारियों को संरक्षण दिया। कुछ पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने निदा से शिकायत की, तो उन्होंने इसे कॉर्पोरेट संस्कृति का हिस्सा बताया।


जांच की स्थिति

पुलिस की 40 दिनों की गुप्त जांच के बाद नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। छह टीम लीडर्स और एचआर विभाग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। निदा खान मुख्य आरोपी हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला न केवल यौन उत्पीड़न बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों को भी उजागर करता है।


आगे की कार्रवाई

महाराष्ट्र पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। टीसीएस ने भी इस मामले पर आंतरिक जांच शुरू की है। पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद के साथ, यह मामला अब अदालत और पुलिस की जांच पर निर्भर है।