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नितिन गडकरी ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए बस यात्रा की

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील का समर्थन करते हुए बस यात्रा की। उन्होंने वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के अपने प्रयासों के बारे में बताया। गडकरी ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए नई मशीनरी लॉन्च करने की योजना भी साझा की। इस बीच, कई राज्यों में सरकारी स्तर पर ईंधन बचत के कदम उठाए जा रहे हैं।
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नितिन गडकरी ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए बस यात्रा की

संत ज्ञानेश्वर मौली महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण

पुणे: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को संत ज्ञानेश्वर मौली महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण किया। इस अवसर पर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का समर्थन करते हुए अपने काफिले के बजाय बस से यात्रा की।


वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

निरीक्षण के दौरान, गडकरी ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि वह लंबे समय से वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि 2004 से वह इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे ईंधनों पर काम कर रहे हैं।


नई अर्थव्यवस्था का निर्माण

गडकरी ने कहा कि उन्होंने देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, ट्रक और बस लॉन्च की हैं। अब वह कृषि क्षेत्र के लिए मशीनरी और ट्रैक्टर भी पेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की नई अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा और भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।


प्रदूषण कम करने का लक्ष्य

उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य प्रदूषण को समाप्त करना और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। यह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है। लेकिन वैश्विक संकट को देखते हुए हमें पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। इसी कारण प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है।"


सरकारी स्तर पर ईंधन बचत के कदम

हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन आपूर्ति पर प्रभाव को देखते हुए लोगों से पेट्रोल-डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की थी। कई राज्यों में, जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान, मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं।


केंद्र सरकार के मंत्रालयों की पहल

मिडिल ईस्ट संकट के बढ़ने के बाद, केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों ने ईंधन बचत के उपायों को लागू करना शुरू कर दिया है। सरकार का ध्यान वैकल्पिक ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कम ईंधन खपत वाले परिवहन साधनों को बढ़ावा देने पर है।