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नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों को 10 दिन की हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई का कहना है कि इनसे पूछताछ के दौरान अन्य संदिग्धों का भी पता चल सकता है। सुनवाई के दौरान वकीलों ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध किया, यह दावा करते हुए कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

सीबीआई की कार्रवाई

नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को इन दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने उन्हें 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया।


मास्टरमाइंड की पहचान

जानकारी के अनुसार, पीवी कुलकर्णी नामक केमिस्ट्री शिक्षक को इस पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीबीआई ने उसे और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया।


जांच की दिशा

जांच एजेंसी का कहना है कि इन दोनों से पूछताछ के दौरान पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और साजिश के पूरे तंत्र का खुलासा होने की संभावना है।


कोर्ट में सुनवाई

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे एक-दूसरे के संपर्क में थे और सभी इस पेपर लीक साजिश में शामिल थे। सीबीआई ने आरोपियों की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि उन्हें जांच के सिलसिले में देश के अन्य हिस्सों में ले जाना है।


वकीलों का विरोध

मनीषा वाघमारे के वकील ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुणे पुलिस ने मनीषा को 24 घंटे से अधिक समय तक अपनी कस्टडी में रखा और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।


कुलकर्णी का बचाव

पीवी कुलकर्णी के वकील ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार किया भी था, तो उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा तैयार किए गए सवाल एनटीए द्वारा चयनित किए जाएंगे या नहीं।