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नीट पेपर लीक मामले में हरियाणा का बड़ा कनेक्शन सामने आया

नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में हरियाणा का महत्वपूर्ण कनेक्शन सामने आया है। जांच में पता चला है कि लीक हुए पेपर का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है, जिसमें गुरुग्राम एक प्रमुख स्थान है। हाल ही में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है, जिसने किर्गिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, NTA ने परीक्षा को रद्द कर दिया है और अब सीबीआई इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी। क्या यह मामला शिक्षा माफियाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करेगा? जानिए पूरी कहानी।
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नीट पेपर लीक मामले में हरियाणा का बड़ा कनेक्शन सामने आया

गुरुग्राम में पेपर लीक का बड़ा खुलासा

गुरुग्राम: मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET UG) के पेपर लीक मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। हाल ही में जांच एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण 'हरियाणा कनेक्शन' का पता लगाया है। यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं का नेटवर्क केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई राज्यों में फैला हुआ है। इस मामले में गुरुग्राम, जो दिल्ली के निकट स्थित है, एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट के रूप में उभरा है, जहां से लीक हुए पेपर को विभिन्न स्थानों पर भारी कीमतों पर बेचा गया।


नासिक से गुरुग्राम तक मास्टर कॉपी का सफर


जांच रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के पेपर की पहली फिजिकल कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक की गई थी। इसके बाद, इस लीक हुई मास्टर कॉपी को सुरक्षित तरीके से गुरुग्राम लाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये कॉपियां गुरुग्राम में एक डॉक्टर तक भी पहुंचाई गई थीं। इसके बाद, इस पेपर के कई डुप्लीकेट सेट तैयार किए गए और इन्हें सॉल्वर गैंग और छात्रों तक पहुंचाया गया।


महिपालपुर से डॉक्टर अखलाक की गिरफ्तारी


दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है। महिपालपुर क्षेत्र से डॉक्टर अखलाक अहमद नामक संदिग्ध को पकड़ा गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने किर्गिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि इस डॉक्टर की भूमिका इस गिरोह में क्या है।


NTA ने परीक्षा रद्द की, CBI करेगी जांच


नीट परीक्षा के पेपर के खुलेआम बिकने की आशंकाओं के चलते, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। इससे लाखों छात्रों की उम्मीदों को झटका लगा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसे सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया है, जिससे इस पूरे नेटवर्क के असली सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके।