Newzfatafatlogo

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई, 13 गिरफ्तार

नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई ने दो नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 13 हो गई है। जांच में शामिल डॉक्टर और शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों को प्रश्नपत्र लीक करने में मदद की। सीबीआई ने देशभर में छापेमारी कर महत्वपूर्ण सबूत भी जुटाए हैं। इस मामले ने लाखों मेडिकल छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि परीक्षा अब 21 जून को पुनः आयोजित की जाएगी।
 | 
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई, 13 गिरफ्तार

सीबीआई की नई गिरफ्तारी

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को दो नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी महाराष्ट्र के लातूर का डॉक्टर है और दूसरा पुणे के एक कोचिंग संस्थान का फिजिक्स शिक्षक है। सीबीआई का कहना है कि ये दोनों आरोपी परीक्षा के प्रश्नपत्र को लीक करने और छात्रों तक पहुंचाने की साजिश में शामिल थे।


जांच में सामने आए तथ्य

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार डॉक्टर मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उसने तीन छात्रों को नीट के केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर का बेटा भी शामिल है। जांच में यह भी पता चला है कि ये प्रश्न नीट के पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से प्राप्त किए गए थे।


गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ी

इस मामले में RCC के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और प्रश्नपत्र छात्रों तक कैसे पहुंचा।

पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शाह को फिजिक्स के लीक प्रश्न पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से मिले थे। अब तक नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई का कहना है कि मामले की साजिश और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।


छापेमारी और सबूत

सीबीआई ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि पेपर लीक की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके। 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में आ गई थी। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब परीक्षा 21 जून को फिर से आयोजित की जाएगी। इस मामले ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ा दी है।