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नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने की बड़ी कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में एक छात्र सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छात्र को फिजिक्स के प्रश्न पहले ही मिल गए थे। मनीषा हवालदार नामक हेडमिस्ट्रेस पर आरोप है कि उसने मौखिक रूप से सवाल बताए और पैसे भी लिए। सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं और 49 जगहों पर छापेमारी की है। नीट यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने की बड़ी कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई की गिरफ्तारी में नया मोड़


नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में मंगलवार को एक छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस छात्र को पुणे की स्कूल हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवालदार से फिजिक्स के प्रश्न पहले ही मिल गए थे। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


छात्र का फोन में 'गॉड' नाम से नंबर सेव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीआई ने खुलासा किया है कि अन्य आरोपियों ने गिरफ्तार छात्र का मोबाइल नंबर अपने फोन में 'गॉड' नाम से सेव किया हुआ था। गिरफ्तारी के बाद, छात्र को सीबीआई कोर्ट के जज आर आर मेंडे के सामने पेश किया गया, जहां उसे ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया ताकि सीबीआई उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जा सके।


फिजिक्स के सवाल मौखिक रूप से बताए गए

जांच एजेंसी का कहना है कि मनीषा हवालदार ने छात्र को नीट के फिजिक्स के सवाल मौखिक रूप से बताए। इसके बाद छात्र ने उन्हें कागज पर लिखा और उनकी तस्वीरें हवालदार के पति को भेज दीं। सीबीआई का आरोप है कि इसके बदले हवालदार ने छात्र से पैसे भी लिए थे।


महत्वपूर्ण सबूतों की बरामदगी

सीबीआई ने अब तक 23 पन्नों में लिखे फिजिक्स के सवाल, नीट का मूल प्रश्नपत्र, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के आधिकारिक प्रमाणपत्र और नकदी बरामद की है। पूछताछ में मनीषा हवालदार ने स्वीकार किया कि अप्रैल में उन्होंने याददाश्त के आधार पर फिजिक्स के सवाल दोबारा तैयार किए और एक छात्र को दिए।


उन्होंने बताया कि यह काम एनटीए के एक केमिस्ट्री विशेषज्ञ के कहने पर किया गया था। बाद में सह आरोपी मनीषा मंधारे के कहने पर वही सवाल मैसेजिंग ऐप के जरिए उनके और उनके पति के मोबाइल से आगे भेजे गए। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि हवालदार द्वारा बताए गए सवाल असली नीट पेपर से काफी मिलते थे।


पहले भी हुई हैं कई गिरफ्तारियां

इससे पहले सीबीआई ने पी वी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था, जो नीट यूजी प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एनटीए टीम से जुड़े थे। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे और कंसल्टेंसी फर्म चलाने वाले धनंजय को भी पकड़ा गया है।


एजेंसी ने मनोज शिरुरे को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने तीन छात्रों तक केमिस्ट्री के सवाल पहुंचाए थे। इनमें लातूर के रेणुकाई करियर सेंटर चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर का नाम भी शामिल है, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।


पुणे के फिजिक्स शिक्षक की गिरफ्तारी

सीबीआई ने पुणे स्थित डॉ अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी का कहना है कि तेजस को नीट यूजी 2026 के लीक फिजिक्स सवाल आरोपी मनीषा हवालदार से मिले थे। इन दो नई गिरफ्तारियों के साथ कुल आरोपी 13 हो गए हैं।


49 जगहों पर छापेमारी, परीक्षा की नई तारीख

गौरतलब है कि सीबीआई अब तक 49 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त हुए हैं। 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसके बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब मेडिकल प्रवेश के लिए नीट यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। सीबीआई पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी रखे हुए है।