नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, बिहार में राजनीतिक हलचल
बिहार की राजनीति में नया मोड़
नई दिल्ली। बिहार की राजनीतिक स्थिति ने आज एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। नीतीश कुमार, जो दो दशकों से अधिक समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और जिन्हें ‘सुशासन बाबू’ के नाम से जाना जाता है, ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर केंद्र की राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। उनके साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच अन्य उम्मीदवारों ने भी पर्चा भरा है।
इस घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे बिहार का ‘सबसे बड़ा अपहरण’ करार देते हुए भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने फिरौती के रूप में पूरा बिहार मांग लिया है। बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में इस राजनीतिक स्थिति को बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण बताया। इसके साथ ही उन्होंने एक पहेली भी छोड़ी है।
बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण!
ये दिखने में राजनीतिक अपहरण है, लेकिन दरअसल ये बिहार का आर्थिक अपहरण है।
भाजपा ने तो फिरौती में पूरा बिहार माँग लिया।
अगला नंबर… समझदार को इशारा काफ़ी। pic.twitter.com/ziMQUNlB7w
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 5, 2026
अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह राजनीतिक अपहरण प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह बिहार का आर्थिक अपहरण है। इसके अलावा, उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें जेडीयू कार्यालय में नीतीश कुमार के इस निर्णय से नाराज कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ कर रहे हैं और खाने की प्लेटें फेंक रहे हैं।
