नेपाल के गृह मंत्री ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिया इस्तीफा
गृह मंत्री का इस्तीफा और विवाद
नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गृह मंत्री का नाम आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हाल ही में, गृह मंत्री का व्यवसायी दीपक भट्टा के साथ संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इस विवाद के सार्वजनिक होने के बाद, गृह मंत्री ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रही जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, इसलिए वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनका मानना है कि इससे जांच एजेंसियों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनेगा और वे स्वतंत्र रूप से जांच कर सकेंगी। गृह मंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि हाल के दिनों में उनके व्यापार को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने इन सवालों को गंभीरता से लेते हुए अपना इस्तीफा नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंप दिया। गुरुंग ने बुधवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अफवाहें तेजी से फैल रही हैं और आरोप और सच्चाई एक ही चीज नहीं हैं। फैसले भावनाओं पर आधारित नहीं होते हैं, इसके लिए सबूतों की आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के सभी निर्णयों का पालन करेंगे और जांच में सहयोग देंगे।
60 लाख रुपए के शेयरों की खरीदारी
जानकारी के अनुसार, नेपाली गृह मंत्री सुदन गुरुंग का नाम मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्ट और सुलभ अग्रवाल से जुड़ा हुआ है। उन पर इन विवादित व्यापारियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी का आरोप लगाया गया है। गुरुंग ने अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ में किए गए अपने निवेशों की जानकारी नहीं दी थी। यह दावा किया गया है कि गुरुंग के खाते में कुछ व्यक्तियों ने 60 लाख रुपए जमा किए थे, और उन पैसों से दोनों कंपनियों के शेयर खरीदे गए थे।
