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नेपाल के पीएम ओली ने चीन में लिपुलेख मुद्दा उठाया

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चीन की यात्रा के दौरान लिपुलेख मुद्दा उठाया, जिसमें उन्होंने भारत और चीन के बीच व्यापार पर अपनी आपत्ति व्यक्त की। ओली की यह यात्रा शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के लिए थी, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इसके अलावा, ओली अगले महीने भारत की यात्रा पर भी आने वाले हैं। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में और क्या कहा गया।
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नेपाल के पीएम ओली ने चीन में लिपुलेख मुद्दा उठाया

नेपाल के प्रधानमंत्री की चीन यात्रा

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा की। इस दौरान उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। ओली ने इस बैठक में लिपुलेख के मुद्दे को उठाते हुए भारत और चीन के बीच लिपुलेख मार्ग से व्यापार पर अपनी आपत्ति व्यक्त की। इसी दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन पहुंचे हैं और वे भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।


लिपुलेख का विवाद

लिपुलेख क्षेत्र भारत का हिस्सा है, लेकिन नेपाल ने हाल के समय में इस पर अपना दावा पेश करना शुरू कर दिया है। नेपाल ने पहले भी भारत और चीन के बीच व्यापारिक मार्ग समझौते के संदर्भ में लिपुलेख का मुद्दा उठाया था। नेपाल का कहना है कि बिना उनकी जानकारी के लिपुलेख के रास्ते व्यापारिक समझौता हुआ है। उनका यह भी कहना है कि अब यह मामला केवल नेपाल और भारत के बीच नहीं रहा, बल्कि चीन भी इसमें शामिल हो गया है। हाल ही में, नेपाल सरकार ने इस मुद्दे को उठाया था, जिस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल के दावे को खारिज कर दिया था।


प्रधानमंत्री ओली की भारत यात्रा

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, जो नेपाल सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, 16 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं। हालांकि, इस यात्रा की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।