नेपाल के विदेश मंत्री का भारत दौरा रद्द: द्विपक्षीय वार्ता पर असर
नेपाल के विदेश मंत्री का दौरा रद्द
नई दिल्ली: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत यात्रा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता पर रोक लग गई है। यह दौरा उस समय टला है जब सीमा विवाद और व्यापार समझौतों पर उच्चस्तरीय चर्चा होने वाली थी।
सीमा विवाद पर नेपाल की आपत्ति
हाल ही में भारत ने लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया था, जिस पर नेपाल ने कड़ी आपत्ति जताई। इस मुद्दे ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है। इसी कारण शिशिर खनाल का भारत दौरा और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा भी स्थगित कर दिया गया था।
IBCA शिखर सम्मेलन का स्थगन
IBCA शिखर सम्मेलन टलने से बदला कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिशिर खनाल को भारत सरकार ने 1 जून को नई दिल्ली में होने वाले पहले इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया था। लेकिन भारत ने इस सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। सम्मेलन में कई अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना थी। सूत्रों का कहना है कि अफ्रीका में इबोला के फैलने के कारण इसे टाला गया है, हालांकि आधिकारिक बयान में इबोला का उल्लेख नहीं किया गया है।
जयशंकर से मुलाकात
मॉरीशस में हुई थी जयशंकर से मुलाकात
बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल में नई सरकार बनने के बाद से भारत-नेपाल के रिश्तों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच, शिशिर खनाल ने 10 से 12 अप्रैल 2026 तक मॉरीशस में आयोजित 9वें इंडियन ओशियन कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था। इस सम्मेलन के दौरान उनकी भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसे दोनों देशों के संबंध सुधारने की कोशिश माना गया।
पीएम मोदी से मिलने की इच्छा
पीएम मोदी से मिलने की थी इच्छा
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाली अधिकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी, एस जयशंकर और पीयूष गोयल के साथ बैठक का अनुरोध किया था। इसके अलावा, IBCA शिखर सम्मेलन में आने वाले कुछ राष्ट्राध्यक्षों और मंत्रियों से मिलने की भी योजना थी। एक अधिकारी ने कहा कि यदि दौरा होता, तो मॉरीशस में हुई बातचीत को आगे बढ़ाया जाता। लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाया।
विक्रम मिस्री का दौरा स्थगित
विक्रम मिस्री का दौरा क्यों हुआ स्थगित
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री 11 और 12 मई 2026 को नेपाल के दो दिवसीय दौरे पर जाने वाले थे। इसका उद्देश्य नेपाल की नई सरकार की प्राथमिकताओं को समझना और पीएम बालेन शाह के संभावित भारत दौरे की रूपरेखा तैयार करना था। लेकिन इसे अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। इसके पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
पहला कारण लिपुलेख और सीमा विवाद पर नेपाल का कड़ा रुख है। दौरे से पहले नेपाल ने भारत और चीन दोनों को कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट को लेकर विरोध पत्र भेजा था। नेपाल का दावा है कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसका हिस्सा हैं।
दूसरा कारण पीएम बालेन शाह का सख्त प्रोटोकॉल है। उन्होंने कहा है कि विदेश मंत्री स्तर से नीचे के किसी भी अधिकारी से नहीं मिलेंगे। इसी नीति के तहत उन्होंने भारतीय राजदूत और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत से भी मिलने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मिस्री से भी मुलाकात नहीं हो पाई।
तीसरा कारण सीमा पर नेपाल द्वारा नई कस्टम ड्यूटी लगाना है। इससे सीमा पर रहने वाले लाखों लोगों का दैनिक व्यापार प्रभावित हुआ है और नई दिल्ली में चिंता बढ़ी है।
