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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, उड़ानें जल्द शुरू होंगी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाल ही में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी उड़ानें जल्द शुरू होने की संभावना है। यह एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विकसित किया जा रहा है और इसकी क्षमता सालाना 70 मिलियन यात्रियों तक पहुंचने की है। जानें इस एयरपोर्ट के महत्व और इसके विकास के चरणों के बारे में।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, उड़ानें जल्द शुरू होंगी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लाइसेंस

नोएडा: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है। यह लाइसेंस डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा गौतम बुद्ध नगर जिले में जारी किया गया है। यह लाइसेंस यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।


यह एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश और भारत सरकार के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसका कन्सेशन पीरियड 1 अक्टूबर 2021 से शुरू होकर 40 वर्षों का है। एयरपोर्ट को पब्लिक यूज कैटेगरी में लाइसेंस मिला है, जिससे यह हर मौसम में कार्य कर सकेगा। यहां 24 घंटे उड़ानें संचालित की जा सकेंगी।



एयरपोर्ट में 10/28 ओरिएंटेशन वाला रनवे है, जिसकी लंबाई 3,900 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और एयरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। यहां 24 कोड C और 2 कोड D/F एयरक्राफ्ट पार्क हो सकते हैं।


यह एयरपोर्ट चार चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी शामिल है। पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ सालाना लगभग 12 मिलियन यात्रियों की क्षमता होगी। सभी चरणों के पूरा होने पर यह एयरपोर्ट सालाना 70 मिलियन यात्रियों को संभाल सकेगा।


दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह एक महत्वपूर्ण एविएशन हब बनेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत में ऑपरेशनल एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन चुका है।


नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने, पुराने ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट्स को अपग्रेड करने और UDAN योजना के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। 2047 तक 400 से अधिक एयरपोर्ट्स का लक्ष्य है, जो कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा।


नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।


यह विश्व स्तरीय एयरपोर्ट क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देगा। यहां स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का मिश्रण यात्रियों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करेगा। इससे दिल्ली के मौजूदा एयरपोर्ट्स पर भीड़ कम होगी। यह विकास आजादी का अमृत महोत्सव के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत को एक मजबूत एविएशन इकोसिस्टम की ओर ले जा रहा है।