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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल की कमी, युद्ध के कारण बढ़े दाम

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल की कमी हो गई है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनियों ने सोमवार तक आपूर्ति का आश्वासन दिया है, लेकिन कीमतों में वृद्धि की आशंका बनी हुई है। जानें इस स्थिति का पूरा विवरण और इसके संभावित प्रभाव।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल की कमी, युद्ध के कारण बढ़े दाम

खाड़ी देशों में युद्ध का असर


नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का प्रभाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। रविवार को कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी हो गई, जिससे कई स्थानों पर पेट्रोल खत्म हो गया। पंप संचालकों ने कंपनियों से संपर्क किया, जिन्होंने सोमवार तक ईंधन की आपूर्ति का आश्वासन दिया है। वहीं, जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन परिवहन में समस्याएं आ सकती हैं। कंपनियों ने सामान्य आपूर्ति का भरोसा दिलाया है।


ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। इसके चलते कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। भारत में भी कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इस डर के चलते शनिवार को कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोगों ने अपने कारों का टैंक भरवाने के लिए इंतजार किया।


पेट्रोल की कमी की स्थिति

जिले के कई पंपों पर पेट्रोल खत्म


एक पेट्रोल पंप के संचालक ब्रिजेश कुमार ने बताया कि लोगों की भीड़ के कारण देर रात तक पेट्रोल खत्म हो गया। जिले के कई पंपों पर पेट्रोल की उपलब्धता नहीं रही। रविवार को भी पेट्रोल की गाड़ी नहीं आई, जिससे पूरे दिन पंपों पर बिक्री नहीं हो सकी और वाहन चालकों को वापस भेजना पड़ा।


सोमवार को आपूर्ति का आश्वासन

सोमवार को पेट्रोल आपूर्ति का आश्वासन


उन्होंने यह भी बताया कि गाजियाबाद में भी कुछ पंपों पर पेट्रोल की कमी देखी गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन सोमवार तक पेट्रोल की आपूर्ति का आश्वासन दिया है। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी स्मृर्ति गौतम ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि की आशंका से कंपनियों ने इनकार किया है। उनके पास ईंधन की पर्याप्त मात्रा है, केवल परिवहन में दिक्कतें आई हैं, जिससे आपूर्ति में बाधा नहीं आएगी।