नोएडा और फरीदाबाद में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाई गई
श्रमिकों का आंदोलन
नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक शहरों, नोएडा और फरीदाबाद में श्रमिकों का आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं। नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जबकि फरीदाबाद में कर्मचारियों ने सेक्टर 37 में काम बंद कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के कारण सेक्टर 59, 60 और 62 में स्थित फैक्ट्रियों का काम पूरी तरह ठप हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिससे कई वाहनों के शीशे टूट गए और दो मोटरसाइकिलों को आग लगा दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस बल, PAC और RAF को तैनात किया है।
नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी लॉ अमिताभ यश कंट्रोल रूम में मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि भड़काने वाले तत्वों की पहचान की जा रही है और बाहरी तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
दिल्ली में हाई अलर्ट
नोएडा में प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश के प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
कई औद्योगिक यूनिटों के कर्मचारी वेतन वृद्धि की लंबित मांग को लेकर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। हालांकि, प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिससे नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 में आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशांति को फैलने से रोकने के लिए नोएडा को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के साथ सीमा बिंदुओं पर, कई टीमें तैनात की गई हैं।
