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नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की स्थापना

नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 13 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह पहल प्रदूषण को कम करने और ईवी अपनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद करेगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि यह कदम नोएडा को ईवी फ्रेंडली शहर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। जानें इस परियोजना के बारे में और अधिक जानकारी।
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नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की स्थापना

नोएडा में ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का उद्घाटन

नोएडा: शहर में प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश के निर्देश पर, नोएडा प्राधिकरण और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत, नोएडा में 13 स्थानों पर ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।


इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को सरल बनाना है। बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के निर्माण से दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब उन्हें अपने वाहनों को लंबे समय तक चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि कुछ ही मिनटों में डिस्चार्ज बैटरी को बदलकर फुल चार्ज बैटरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और ईवी अपनाने की गति भी बढ़ेगी।


इस परियोजना की खास बात यह है कि नोएडा प्राधिकरण पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सभी 13 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन अपने खर्च पर स्थापित किए जाएंगे। इसके बदले प्राधिकरण को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत बिजली खपत पर प्रति किलोवाट घंटे 1 रुपये की दर से आय प्राप्त होगी।


बैटरी स्वैपिंग स्टेशन निम्नलिखित स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे: सेक्टर-6 में नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के सामने, सेक्टर-29 के गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-25ए में स्पाइस मॉल के पास, सेक्टर-24 में ईएसआईसी अस्पताल के सामने, सेक्टर-63 में इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास, हल्दीराम मार्केट (एच-ब्लॉक), सेक्टर-58, सेक्टर-61 के शॉपप्रिक्स मॉल के पास, सेक्टर-16ए, सेक्टर-16, सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन और एमिटी यूनिवर्सिटी के आसपास के क्षेत्र।


प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि यह पहल नोएडा को ईवी फ्रेंडली शहर बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इसके साथ ही, यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।