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नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद न्यूनतम वेतन में वृद्धि

नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का निर्णय लिया है। सरकार ने 1 अप्रैल से लागू होने वाली सैलरी में लगभग 3000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई, जिसमें 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रशासन ने 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और शांति बनाए रखने की अपील की है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद न्यूनतम वेतन में वृद्धि

नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार का कदम

नोएडा हिंसा : नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का निर्णय लिया है। सोमवार की रात, सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 3000 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। इस निर्णय के पीछे एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक का परिणाम है, जिसने कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और रिपोर्ट सरकार को सौंपी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर यह गलत जानकारी फैलाई गई थी कि न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये कर दिया गया है, लेकिन कंपनियां इसे लागू नहीं कर रही हैं। इसी भ्रामक सूचना के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई। मंगलवार को स्थिति नियंत्रण में है, और पुलिस बल औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपने काम पर लौटने की अपील की है। जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 50 सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से लोगों को हिंसा के लिए उकसाया गया था।

सोमवार को नोएडा के कई क्षेत्रों में स्थिति बेकाबू हो गई थी, जब लगभग 42,000 कर्मचारी 9 अप्रैल से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

हिंसा की शुरुआत फेज-2 क्षेत्र से हुई, जहां सुनवाई न होने के कारण कर्मचारी उग्र हो गए। इसके बाद प्रदर्शन नोएडा के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर RAF और PAC को तैनात किया गया। डीजीपी ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।