नोएडा में हिंसक प्रदर्शन: आरजेडी नेताओं पर एफआईआर दर्ज
पुलिस की जांच में तेजी
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन पर इस मामले को भड़काने और अफवाह फैलाने का आरोप है। इसी संदर्भ में, गौतम बुद्ध नगर साइबर थाने में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनके अलावा, कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अफवाह फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.
आरजेडी नेताओं पर आरोप
आरजेडी की इन दोनों महिला नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने मध्य प्रदेश में हुई एक घटना को नोएडा में चल रहे श्रम विरोध प्रदर्शनों से जोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, जिससे तनाव बढ़ा। मध्य प्रदेश की घटना में एक व्यक्ति को पुलिस ने बुरी तरह पीटा था। पुलिस ने 'एक्स' पर एक हैंडल और फेसबुक प्रोफाइल के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है, जो जितेंद्र शर्मा दौसा के नाम से है। अधिकारियों ने बताया कि उन पर मध्य प्रदेश का एक वीडियो साझा करने का आरोप है, जिसमें दावा किया गया है कि यह नोएडा की घटनाओं को दर्शाता है.
विरोध प्रदर्शनों का विवरण
सभी आरोपियों पर नोएडा में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अफवाहें फैलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। नोएडा में फैक्ट्रियों के हजारों श्रमिकों ने वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार को हड़ताल शुरू की थी। यह विरोध प्रदर्शन कई स्थानों पर हिंसक हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया, जिसके लिए कुछ आलोचना भी की गई है, हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने हल्के बल का ही प्रयोग किया था.
पुलिस की प्रतिक्रिया
आरजेडी की प्रवक्ता कंचना यादव और प्रियंका भारती ने इस घटना के बाद पीटे गए व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और सार्वजनिक रूप से पुलिस की आलोचना की। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि जितेंद्र कुमार दौसा द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किया गया वीडियो वास्तव में मध्य प्रदेश के शहडोल का है, जहां एक नशे में धुत व्यक्ति सार्वजनिक उपद्रव कर रहा था। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों ने इस वीडियो को झूठे दावे के साथ साझा किया कि यह नोएडा में घटित घटनाओं को दर्शाता है और इन पोस्ट के साथ भ्रामक कैप्शन भी लगाए गए.
नोएडा में घटनाक्रम
यह ध्यान देने योग्य है कि नोएडा की कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक कई दिनों से अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें मजदूरों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। पुलिस की गाड़ी पर भी पथराव किया गया और कई कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। सरकार के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
