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नौतनवा में विद्युत विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, समाज सुधारक ने उठाई आवाज

नौतनवा तहसील में समाज सुधारक रमाकांती त्रिपाठी ने विद्युत विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र में विभाग की अनियमितताओं का जिक्र करते हुए जांच की मांग की है। त्रिपाठी का कहना है कि उपभोक्ताओं को मनमाने बिल भेजे जा रहे हैं और नए कनेक्शन के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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नौतनवा में विद्युत विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, समाज सुधारक ने उठाई आवाज

भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी आवाज


महराजगंज से रिपोर्ट:: समाज सुधारक और वकील रमाकांती त्रिपाठी ने शनिवार को नौतनवा तहसील में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक मांग पत्र उपजिलाधिकारी नवीन प्रसाद को सौंपा। इस पत्र में उन्होंने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है, और 'जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन' की नीति के बावजूद आम जनता का शोषण हो रहा है।


त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बिजली उपभोक्ताओं को मनमाने और फर्जी बिल भेजे जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, 200 यूनिट की खपत पर 8 हजार रुपये तक के बिल थमाए जा रहे हैं। बिल संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं से 1 हजार से 3 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा, नए बिजली कनेक्शन के लिए भी भारी रिश्वतखोरी की जा रही है, जिससे फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं।


उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने में हो रहे भ्रष्टाचार और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे की अघोषित बिजली कटौती को भी गंभीर समस्या बताया। त्रिपाठी ने महिलाओं और बुजुर्गों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई बार बिल जमा होने के बावजूद उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए जाते हैं, और शिकायत करने पर उन्हें गाली-गलौज और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है।


मांग पत्र में उन्होंने पूरे मामले की एसआईटी या विजिलेंस जांच कराने, दोषी जेई, एसडीओ और लाइनमैन को निलंबित करने की मांग की। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों के विवादित बिजली बिलों की न्यायिक जांच, नौतनवा में भ्रष्टाचार मुक्त स्मार्ट बिजली केंद्र की स्थापना, और सभी लंबित कनेक्शन 30 दिनों के भीतर जारी करने की मांग की गई है।


इसके अलावा, करंट से मृत लोगों के आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने और दोषी कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की गई है। त्रिपाठी ने कहा कि विद्युत विभाग में फैले भ्रष्टाचार और दलाल तंत्र को समाप्त करना आवश्यक है, ताकि आम उपभोक्ताओं को न्याय मिल सके।