नौतपा: गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने के उपाय
नौतपा का आगाज़
नई दिल्ली: नौतपा की शुरुआत 25 मई को हुई है। अगले नौ दिनों तक, तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हर वर्ष, यह अवधि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ शुरू होती है, और इस साल यह 2 जून तक जारी रहेगी। इस समय, दिन के दौरान सूर्य की गर्मी अपने चरम पर होती है, जिससे कई क्षेत्रों में तापमान में तेजी से वृद्धि होती है।
नौतपा का महत्व
लोग अपने आवश्यक कार्य सुबह और शाम के समय ही करते हैं, क्योंकि दिन में बाहर निकलना कठिन हो जाता है। यह मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान गर्मी अधिक होती है, तो यह बाद में अच्छी बारिश का संकेत देती है। इसलिए, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे मौसम के मिजाज का एक महत्वपूर्ण संकेत मानते हैं।
नौतपा कब होता है?
25 मई की रात 8:07 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जिससे नौतपा की शुरुआत होगी। सूर्य 8 जून की रात 7:26 बजे तक इसी नक्षत्र में रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान अत्यधिक गर्मी पड़ती है, और तापमान 33°C से 55°C तक पहुंच सकता है।
यह माना जाता है कि नौतपा के दिनों में गर्मी जितनी अधिक होगी, उतनी ही अच्छी बारिश और मजबूत मॉनसून के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होंगी।
गर्मी में क्या करें?
गर्मी के मौसम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने शरीर को ठंडा रखें। पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को ढकना सुनिश्चित करें। घर पर छाछ, लस्सी, नींबू पानी, खीरा और तरबूज का सेवन करना फायदेमंद होता है, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद करते हैं।
कई लोग 'नौतपा' के दौरान 'जलदान' की परंपरा का पालन करते हैं। सड़कों पर सार्वजनिक पानी के स्टॉल लगाना, जरूरतमंदों को पानी देना या मिट्टी के बर्तन दान करना शुभ माना जाता है। इस समय जानवरों और पक्षियों की देखभाल पर भी ध्यान दिया जाता है। छतों या बालकनियों में पानी रखने से पक्षियों को राहत मिलती है।
क्या नहीं करना चाहिए?
दोपहर की तेज धूप में अधिक समय बिताने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से, दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अत्यधिक तली-भुनी और मसालेदार चीजें खाने से भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है, इसलिए हल्का भोजन करना बेहतर होता है।
